अतिक्रमण हटाने को लेकर जनता में भारी रोष
अतिक्रमण हटाने को लेकर जनता में भारी रोष
उत्तराखंड

अतिक्रमण हटाने को लेकर जनता में भारी रोष

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देहरादून, 15 अक्टूबर (हि.स.)। अतिक्रमण हटाने को लेकर प्रशासन द्वारा की जा रही कार्रवाई पर लोगों में काफी रोष है। लोगों का कहना है कि प्रशासन को अतिक्रमण केवल पल्टन बाजार और राजपुर रोड पर ही क्यों नजर आता है। जबकि अन्य स्थानों पर हुए अतिक्रमण को हटाने के लिए प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। दून में तीन दिनों से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन ने हर बार की तरह इस बार भी राजपुर रोड और पल्टन बाजार का रूख ही किया। व्यापारी कोरोना काल के दौरान हुए नुकसान का हवाला देते रहे लेकिन अभियान दल ने उनकी एक नहीं सुनी और बाजार में जेसीबी चला दी। दुकानदार मिन्नतें करते रहे, रोये, धरने पर बैठे लेकिन अभियान दल के अधिकारियों का दिल नहीं पसीजा। वे तो बस कोर्ट के आदेशों का हवाला देते रहे। जबकि कोर्ट के आदेश तो दून के कई अन्य स्थानों से भी अतिक्रमण हटाने के लिए आए हैं लेकिन टीम उन स्थानों का रूख ही नहीं करती है। खामियाजा केवल पल्टन बाजार और राजपुर रोड के व्यापारियों को ही भुगतना पड़ता है। ऐसे समय में तमाम व्यापार मंडल के नेता भी मौन साध लेते हैंंै। उनका कहना होता है कि अतिक्रमण को लेकर कोर्ट के आदेशों के आगे वे कुछ भी नहीं बोल सकते हैं। तो क्या ऐसे में ये नेता अपने समर्थक व्यापारियों के लिए कुछ नहीं करेंगे जिनके दम पर वे व्यापार मंडलों के पदाधिकारी बने बैठे हैं। दून में किसी भी तरफ निकल जाएं तो अतिक्रमण साफ नजर आता है लेकिन इस अतिक्रमण को हटाने के लिए कोई जिम्मेदारी नहीं लेता है। तहसील चौक से पल्टन बाजार आने वाली सड़क पर भी अतिक्रमण का बुरा हाल है। यहां पर दुकानों के बाहर सामान रखकर बेचना कोई नहीं बात नहीं है। जब पुलिस की गाड़ी का सायरन बजता है तो यहां के व्यापारी सामान उठा कर दुकान के अंदर कर लेते हैं लेकिन अगर कोई पुलिसकर्मी आता-जाता दिख जाए उसकी ये लोग परवाह भी नहीं करते हैं। इसी तरह से चकराता रोड में दुकानों के बाहर सामान लगाना कोई बड़ी बात नहीं है लेकिन यहां का अतिक्रमण टीम को नहीं दिखाई देता है। हिन्दुस्थान समाचार/ साकेती-hindusthansamachar.in