अखाड़ा परिषद का प्रतिनिधिमंडल यूपी के मुख्यमंत्री से मिला

अखाड़ा परिषद का प्रतिनिधिमंडल यूपी के मुख्यमंत्री से मिला
अखाड़ा परिषद का प्रतिनिधिमंडल यूपी के मुख्यमंत्री से मिला

हरिद्वार, 12 सितम्बर (हि.स.)। बैरागी कैंप में बैरागी अखाड़ों द्वारा बनाए गए चार मन्दिरों को अवैध अतिक्रमण घोषित किए जाने के मामले को लेकर जहां अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर कर दी है। वहीं इस भूमि पर विधिवत रूप से अखाड़ों को सौंपे जाने के लिए कार्रवाई भी प्रारम्भ कर दी है। इस प्रकरण को लेकर शुक्रवार को अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेन्द्र गिरि तथा महामंत्री श्रीमहंत हरिगिरि के नेतृत्व में तीनों बैरागी अणियों के श्रीमहंत धर्मदास, श्रीमहंत राजेन्द्र दास, श्रीमहंत रामजी दास, महंत आशुतोष गिरि, महंत नीलकंठ गिरि आदि ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से मिले। अखाड़ा परिषद ने मुख्यमंत्री योगी को वस्तुस्थिति से अवगत करते हुए बैरागी कैंप की उक्त भूमि को बैरागी अखाड़ों को लीज पर दिए जाने का अनुरोध किया। श्रीमहंत हरि गिरि ने बताया कि बैरागी कैप की इस भूमि पर आदि काल से ही कुम्भ पर्व के दौरान बैरागी अखाड़ों की तीनों अणियों को भूमि आवंटित की जाती रही है। वर्तमान में भी जो भी सरकारी रिकार्ड उपलब्ध है,उसमें यह भूखण्ड बैरागी अखाड़ों के नाम पूर्व से ही आवंटित होते चले आ रहे हैं। बैरागी अखाड़ों के खालसाओं की छावनी ही यह लगती आई है। इसलिए इस क्षेत्र को बैरागी कैंप कहा जाता है। उन्होंने बताया बैरागी कैंप, रोड़ी बेलवाला, लालजीवाला आदि क्षेत्र अभी भी उत्तर प्रदेश सरकार के स्वामित्व में है, लिहाजा बैरागी कैंप की भूमि के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अनुरोध किया गया है। श्रीमहंत हरि गिरि ने बताया उत्तराखंड सरकार द्वारा बैरागी कैंप में जिन चार मन्दिरों को अवैध अतिक्रमण बताया जा रहा है, वह वास्तव में अतिक्रमण की श्रेणी में आते ही नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के 2009 के एक आदेश के बाद हाईकोर्ट नैनीताल के निदेश पर उत्तराखंड सरकार ने 2010 में कोर्ट में शपथ पत्र दाखिल कर इस सन्दर्भ में एक पाॅलिसी बनाने की घोषणा की थी, जिसके तहत पब्लिक गली, पब्लिक पार्क तथा अन्य पब्लिक प्लेस पर किए गए अतिक्रमण को हटाने, स्थानान्तरित करने अथवा नियमित करने के लिए पाॅलिसी 2016 बनाई गई। जिसमें अतिक्रमण हटाने के तीनों विकल्पों के अतिरिक्त पीड़ित पक्ष को न्यायालय जाने की अनुमति दी गई थी। साथ ही पाॅलिसी में यह भी कहा गया कि पब्लिक प्लेस में अतिक्रमण से किसी भी सार्वजनिक गतिविधि, यातायात या अन्य गतिविधि प्रभावित न होती हो तो ऐसे अतिक्रमण प्रशासन व जनता की सहमति से नियमित किए जा सकते हैं। उन्होंने बतााया कि इन्हीं तथ्यों के प्रकाश में बैरागी कैंप के चार मन्दिरों को नियमित किए जाने की प्रार्थना सुप्रीम कोर्ट में भी की गयी है तथा उत्तर प्रदेश सरकार से उक्त भूमि को लीज पर दिए जाने की मांग की गई है। हिन्दुस्थान समाचार/रजनीकांत/मुकुंद-hindusthansamachar.in

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