देवरिया जिला पंचायत की भूमि से बेदखली के खिलाफ याचिका पर निर्णय सुरक्षित
देवरिया जिला पंचायत की भूमि से बेदखली के खिलाफ याचिका पर निर्णय सुरक्षित

देवरिया जिला पंचायत की भूमि से बेदखली के खिलाफ याचिका पर निर्णय सुरक्षित

प्रयागराज, 13 अगस्त (हि.स)। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गुरूवार को देवरिया के नगर पंचायत की भूमि पर कथित अवैध कब्जा करने वालो को वहां से छोड़कर अन्यत्र शिफ्ट होने आदेश के खिलाफ दाखिल दो मामलों में निर्णय सुरक्षित कर लिया है। दोनों केस जिला पंचायत देवरिया की स्वत्व वाली सम्पत्ति पर विधि विरूद्ध तरीके से बतौर अतिचारी कथित अवैध कब्जा को लेकर है। अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत देवरिया ने 24 जुलाई 2020 को आदेश पारित कर याचीगणों को वहां से अपना सामान हटाकर अन्यत्र जाने का 15 दिन का समय दिया है। जिला पंचायत देवरिया के अपर मुख्य अधिकारी द्वारा पारित आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गयी थी। याचिका कृष्ण मुरारी वर्मा व अन्य की तरफ से दायर की गई है। याचिका में जिला पंचायत देवरिया के 24 जुलाई 20 के आदेश को रद्द करने की मांग की गयी थी। यह भी मांग की गयी थी कि याचीगण को प्लाट नम्बर 290 व 291 पर निर्मित उनके आवास से बेदखल न किया जाय। याचिका के अनुसार विवादित स्थल मोहल्ला बाँस देवरिया, डिस्ट्रिक्ट बोर्ड कम्पाउन्ड में स्थित है। कहा गया है कि कानूनी प्रक्रिया अपनाए वगैर उन्हें उनके कब्जा से बेदखल न किया जाय। कहा गया है कि 1 अप्रैल 1937 में याचीगण के पूर्वजों के साथ संपादित लीज डीड के अनुसार विवादित स्थल का पट्टा 90 साल तक का है। 90 वर्ष की अवधि समाप्त हुए वगैर उन्हें बेदखल नहीं किया जा सकता है। कहा गया है कि याचीगण किराया भी देते चले आ रहे हैं और वह स्वीकार भी किया गया है। ऐसे में यह नहीं कहा जा सकता है कि याचीगण अवैध कब्जा किए हुए हैं। यह मान भी लिया जाए कि याचीगण अतिक्रमणी है, फिर भी उन्हें उस विवादित स्थल से कानूनी प्रक्रिया को अपनाते हुए ही हटाया जा सकता है और वह कानूनी प्रक्रिया रेग्युलर वाद है। हाईकोर्ट के जस्टिस एस के गुप्ता व जस्टिस वी के बिड़ला की बेंच ने आज सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद इस मामले में निर्णय सुरक्षित कर लिया है । हिन्दुस्थान समाचार/आर.एन/विद्या कान्त-hindusthansamachar.in

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