योगी का ‘मिशन ऑक्सीजन’, उप्र के सभी 75 जिलों में लग रहे ऑक्सीजन जेनरेटर्स

योगी का ‘मिशन ऑक्सीजन’, उप्र के सभी 75 जिलों में लग रहे ऑक्सीजन जेनरेटर्स
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- आबकारी व चीनी उद्योग एवं गन्ना विभाग लगा रहा ऑक्सीजन जेनरेटर्स - मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर मशीनों को कराया जा रहा एयरलिफ्ट लखनऊ, 07 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में ऑक्सीजन की आपूर्ति बढ़ाने को लेकर योगी सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश के बाद अब राज्य सरकार का आबकारी व चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग राज्य में कोरोनो मरीजों को बचाने के लिए ऑक्सीजन जेनरेटर्स लगाने जा रहा है। इसके लिए प्रदेश कि सभी 75 जिलों में अस्पतालों का चयन लगभग कर लिया गया है। 27 जिलों में ऑक्सीजन जेनरेटर्स स्थापित करने का कार्य शुरु हो गया है। वहीं बाकि जिलों में युद्धस्तर पर कार्य चल रहा है। 35 बेड पर पूरी तरह होगी ऑक्सीजन सप्लाई राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि आबकारी तथा चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग के संयुक्त प्रयास से लगभग 30 आबकारी विभाग की इकाइयों और 45 चीनी मिलों के माध्यम से प्रदेश भर में एक-एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या जिला अस्पताल जो संभवित जिले के जिलाधिकारी व मुख्य चिकित्साधिकारी के विचार विमर्श ने निर्धारित किए जा रहे हैं। उन अस्पतालों में ये ऑक्सीजन जेनरेटर्स 35 से 45 बेड पर पूरी तरह से ऑक्सीजन सप्लाई करेंगे। मशीनों को कराया जा रहा है एयरलिफ्ट प्रवक्ता ने बताया कि इन ऑक्सीजन जेनरेटर्स की स्थापना में लगभग 50-60 लाख रुपये प्रति अस्पताल का निवेश संबंधित आबकारी इकाई व चीनी मिलों के सहयोग से किया जा रहा है। इन मशीनों को मंगवाने के लिए विभाग की तरफ से एयर इंडिया से अनुरोध कर उन्हें पत्र भी लिखा है, ताकि इन ऑक्सीजन जेनरेटर्स मशीनों को जल्द से जल्द एयरलिफ्ट कर मंगाया जा सके। ऑक्सीजन जेनरेटर्स के लिए इन अस्पतालों का हुआ चयन उन्होंने बताया कि जिन 40 जिलों के अस्पतालों में ऑक्सीजन जेनरेटर्स लगाने का चयन की प्रक्रिया पूर्ण कर लिया गया है, उनमें सहारनपुर जिले में सीएचसी ननौता-50 बेड, बरेली में सीएचसी, मीरगंज-50 बेड, बांदा में सीएचसी, नारायनी-50 बेड, श्रावस्ती में सीएचसी लक्ष्मणपुर-50 बेड, उन्नाव में सीएचसी, औरास-50 बेड, प्रयागराज में पीएचसी उरुवा-50 बेड, फतेहपुर में सीएचसी बिंदकी-50 बेड, प्रतापगढ़ में ट्रामा सेंटर रानीगंज-50 बेड, कौशाम्बी सीएचसी मंझनपुर-50 बेड, चित्रकूट में सीएचसी मानिकपुर-50 बेड, अलीगढ़ में सीएचसी अतरौली-50 बेड, एटा में सीएचसी बगवाला-50 बेड, हाथरस में सीएचसी मुरसान-50 बेड, कासगंज में सीएचसी गंजडुण्डवाडा-50 बेड, बदायूं में सीएचसी घाटपुरी-50 बेड, महोबा में जिला अस्पताल-50 बेड, बलिया में सीएचसी, सिआर-35 बेड शामिल हैं। ऐसे ही सीतापुर में सीएचसी खैराबाद-50 बेड, बाराबंकी में जिला अस्पताल सिरौली गौसपुर-50 बेड, कानपुर देहात में जिला अस्पताल, माती अकबरपुर-50 बेड, भदोही में कोविड सेंटर, औराई-35 बेड, बहराइच में सीएचसी कैसरगंज-40 बेड, बागपत में सीएचसी सरुरपुर-50 बेड, जौनपुर में सीएचसी सथरिया-50 बेड, मथुरा में सीएचसी, सोनाई-50 बेड, शामली में जिला अस्पताल शामली-100 बेड, अयोध्या में सीएचसी मसौधा-50 बेड, हापुड़ में सीएचसी, पिलखुआ-50 बेड, हरदोई में जिला अस्पताल-50 बेड, बलरामपुर में जिला अस्पताल-100 बेड, देवरिया में सीएचसी, पिपरा धौलाकदम-50 बेड, गोरखपुर में सीएचसी, चैरी चैरा-50 बेड, बस्ती में सीएचसी फिमेल अस्पताल हरैया-50 बेड, रामपुर में सीएचसी बिलासपुर-40 बेड, मैनपुरी सीएचसी भोगांव-40 बेड, महाराजगंज में सीएचसी, घुगली-40, मुरादाबाद सीएचसी, कुंदुरकी-40 और अमरोहा सीएचसी, जोया-40 शामिल हैं। हिन्दुस्थान समाचार/पीएन द्विवेदी