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उत्तर-प्रदेश

योगी सरकार अगले पांच से दस वर्षों के लिए तैयार कर रही निर्यात रणनीति

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-उप्र से निर्यात को 1.2 लाख करोड़ से बढ़ाकर 3.0 लाख करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य: सिद्धार्थ नाथ लखनऊ, 10 फरवरी (हि.स.)। प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यान प्रोत्साहन मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण वित्तीय वर्ष 2020-21 निर्यातकों के लिए अत्यन्त कठिन रहा है। राज्य सरकार उत्तर प्रदेश निर्यात संवर्धन परिषद के माध्यम से अगले पांच से दस वर्षों के लिए 'निर्यात रणनीति' तैयार कर रही है, जिससे निर्यातकों को कोविड-19 के संकट के कारण उत्पन्न आपदा से उबरने में एवं राज्य से निर्यात वृद्धि में सहायता मिल सके। उन्होंने कहा कि अन्तरराष्ट्रीय परामर्शदात्री संस्था 'प्राइस वाटर हाउस कूपर्स' को उत्तर प्रदेश निर्यात संवर्धन परिषद का सलाहकार नियुक्त किया गया है। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह खादी भवन के सभागार में एक समीक्षा बैठक में बोल रहे थे। इस मौके पर पीडब्ल्यूसी के कंसल्टेंट द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष ड्राफ्ट रिपोर्ट के निष्कर्षों को भी प्रस्तुत किया गया। श्री सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश से निर्यात को 1.2 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 3.0 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम एवं निर्यात प्रोत्साहन डॉ. नवनीत सहगल ने कहा कि अध्ययन के निष्कर्षों के आधार पर उत्तर प्रदेश में वर्तमान व्यापार अवसरों तथा विनिर्माण एवं निर्यात क्षमता की समीक्षा के माध्यम से उत्तर प्रदेश से निर्यात के लिए सबसे ज्यादा संभावना वाले प्राथमिक क्षेत्रों की पहचान की गई है। इस प्रकार उत्तर प्रदेश के 25 मुख्य जनपदों में ऐसे 17 प्राथमिक क्षेत्रों का चिह्नीकरण किया गया है। इन सभी चिह्नित प्राथमिक क्षेत्रों में सर्वाच्च 05 प्राथमिक क्षेत्रों एवं प्रधान निर्यात हब जो कि उत्तर प्रदेश से निर्यात को बढ़ाने में मुख्य भूमिका निभा सकते हैं। इनमें इलेक्ट्रानिक ऐण्ड इलेक्ट्रिकल आइटम व अपेरल-गौतमबुद्धनगर, चर्म एवं चर्म उत्पाद-कानपुर नगर, आगरा एवं उन्नाव, मशीनरी उपकरण-गौतमबुद्धनगर एवं गाजियाबाद तथा आग्रेनिक कैमिकल्स-विविध जनपद निर्यात रणनीति में उप्र के वर्तमान निर्यातकों द्वारा नए उत्पादों एवं नए बाजारों के रूप में नवीन अवसरों का लाभ उठाने के साथ ही वैश्विक बाजारों में वर्तमान निर्यात बास्केट का विस्तार करने हेतु प्रेरित किया गया है। उप्र से निर्यातित मुख्य उत्पाद इलेक्ट्रिकल मशीनरी एवं इलेक्ट्राॅनिक्स, अपेरल, फुटवियर, मशीनरी, कालीन आदि है। जबकि यूएसए, यूएई, वियतनाम, जर्मनी, रूस आदि मुख्य बाजार है। अध्ययन के अन्तर्गत न केवल उत्तर प्रदेश के निर्यातकों के समक्ष उत्पन्न चुनौतियों एवं मुख्य समस्याओं को चिह्नित किया गया है, बल्कि उनके समाधान के लिए वांछित उपाय भी संस्तुत किए गए हैं। हिन्दुस्थान समाचार/संजय-hindusthansamachar.in