वर्तमान में 50 लाख से अधिक लोग उद्योगों में कर रहे काम-योगी आदित्यनाथ
वर्तमान में 50 लाख से अधिक लोग उद्योगों में कर रहे काम-योगी आदित्यनाथ
उत्तर-प्रदेश

वर्तमान में 50 लाख से अधिक लोग उद्योगों में कर रहे काम-योगी आदित्यनाथ

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-प्रवासी कामगारों के खाते में ऑनलाइन हस्तान्तरित किए 90.88 करोड़ रुपये -राहत प्रबंधन के लिए वेब एप्लीकेशन 'आपदा प्रहरी ऐप' का किया अनावरण लखनऊ, 24 जुलाई (हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को 9,08,855 प्रवासी कामगारों और श्रमिकों के खाते में एक-एक हजार की आर्थिक सहायता के तहत 90.88 करोड़ रुयपे ऑनलाइन हस्तान्तरित किए। इस मौके पर उन्होंने आपदा पूर्व चेतावनी, राहत प्रबंधन के लिए वेब एप्लीकेशन आपदा प्रहरी ऐप का अनावरण भी किया। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश ने कोरोना की लड़ाई को मजबूती के साथ लड़ा इस मौके पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में पूरे देश ने कोरोना वायरस की लड़ाई को बहुत मजबूती के साथ लड़ा है। इस आपदा से गरीब और अन्य सामान्य जन को किसी प्रकार की कोई समस्या ना हो इसके लिए प्रधानमंत्री ने गरीब कल्याण पैकेज की घोषणा की। इस पैकेज के अंतर्गत गरीबों को खाद्यान्न देने की व्यवस्था की गई, यह खाद्यान्न अब नवम्बर माह तक प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा राज्य सरकार ने भी तीन महीने तक प्रत्येक लाभार्थी को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराने का कार्य किया है। जनधन खाताधारकों को हर महीने 500 रुपये देने की व्यवस्था की मुख्यमंत्री ने कहा कि जनधन खाताधारकों को हर महीने 500 रुपये देने की व्यवस्था की गई। निर्माण श्रमिकों के अलावा प्रवासी कामगारों और श्रमिकों के लिए 15 दिन का राशन उपलब्ध कराने एवं प्रतिदिन कमाने वालों के लिए भी 1000 व निःशुल्क राशन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई। किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के अंतर्गत 2000 रुपये की राशि उपलब्ध कराई गई। इसके अलावा आपदा के दौरान हर उज्ज्वला योजना के लाभार्थी को निःशुल्क गैस सिलेंडर देने की व्यवस्था आगामी सितम्बर तक कर दी गई है। राजस्व विभाग के मैपिंग के माध्यम योग्यता के अनुरूप मिला काम मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों का उद्योगों में समायोजन किया गया है। वर्तमान में 50 लाख से अधिक लोग उद्योगों में काम कर रहे हैं। वन विभाग द्वारा पौधरोपण कार्यक्रम या फिर अन्य तमाम योजनाओं में भी लोगों को कार्य दिया गया है। मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता जतायी कि राजस्व विभाग ने मैपिंग के माध्यम से प्रत्येक कामगार एवं श्रमिक को उसकी योग्यता के अनुरूप कार्य उपलब्ध कराने के एक बड़े कार्यक्रम को अपने हाथ में लिया। उन्होंने कहा कि आज उसका परिणाम भी दिखाई दे रहा है। ज्यादातर लोग किसी ना किसी उद्योग या गांव में या फिर स्वरोजगार के माध्यम से प्रदेश के विकास में योगदान दे रहे हैं। लोगों को टेक्नोलॉजी से जोड़कर भ्रष्टाचार से दिलाई मुक्ति उन्होंने कहा कि आज हम एक साथ 9,08,855 प्रवासी कामगारों और श्रमिकों के खाते में एक हजार की राशि सीधे उपलब्ध करा रहे हैं। अब धनराशि सीधे लाभार्थी के खाते में आ रही है। इसके लिए हम सब प्रधानमंत्री के आभारी हैं, जिन्होंने लोगों को टेक्नोलॉजी के माध्यम से जोड़कर भ्रष्टाचार से मुक्ति दिलाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा यह निरंतर प्रयास है कि शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति को जरूर मिले। अब तक 52 लाख से अधिक लोगों को एक हजार की धनराशि प्रदान की उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी कामगारों और श्रमिकों के वापस आने पर उन्हें न सिर्फ राशन किट दी गई बल्कि उनके खाते में एक हजार की राशि उपलब्ध कराई गई। अब तक 52 लाख से अधिक लोगों को एक हजार की धनराशि उपलब्ध कराई जा चुकी है। साथ ही 19 लाख लोग ऐसे हैं, जिन्हें दूसरी बार यह राशि उपलब्ध कराई गई है। अब समय पर लोगों को आकाशीय बिजली से किया जा सकेगा अलर्ट उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर हम बड़ी संख्या में जन-धन की हानि को रोक सकते हैं और इसके माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को न केवल जागरूक कर सकते हैं बल्कि आकाशीय बिजली से उनकी जान बचाई जा सकती है। मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग, एसडीएमए और राहत आयुक्त कार्यालय को इस टेक्नोलॉजी को अपनाने पर धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि अब समय पर लोगों को आकाशीय बिजली से अलर्ट किया जा सकता है। आपदा प्रहरी एप के माध्यम से आम नागरिक, शासन को तस्वीर भेजकर यह जानकारी दे सकता है कि अमुक स्थान पर यह आपदा आई है। आपदा से लड़ने के लिए तकनीक का इस्तेमाल कारगर उन्होंने कहा कि अभी हम सभी कोरोना महामारी से जूझ रहे हैं। हमारे कुछ क्षेत्रों में बाढ़ के खतरे भी दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में अगर हम आपदा से लड़ने के लिए तकनीक का इस्तेमाल करते हैं, तो इससे व्यापक पैमाने पर जन-धन की हानि को रोका जा सकता है। मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता जतायी कि तकनीक के माध्यम से राहत के लिए बेहतरीन प्रयास यहां देखने को मिल रहे हैं। उन्होंने इसके लिए एसडीएमए के उपाध्यक्ष जनरल आर.पी शाही को धन्यवाद दिया। हिन्दुस्थान समाचार/संजय/राजेश-hindusthansamachar.in