योग शारीरिक व मानसिक संतुलन का एक सशक्त माध्यम - प्रो. निलिम्प त्रिपाठी

योग शारीरिक व मानसिक संतुलन का एक सशक्त माध्यम - प्रो. निलिम्प त्रिपाठी
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प्रयागराज, 20 जून (हि.स.)। योग शारीरिक और मानसिक संतुलन का एक सशक्त माध्यम है। योग के द्वारा मानवीय चिंता और तनाव के प्रबंधन में मदद मिलती है। उक्त विचार महर्षि वैदिक विश्वविद्यालय भोपाल, वेद एवं योग विभाग के अध्यक्ष, प्रोफेसर निलिम्प त्रिपाठी ने व्यक्त किया। रविवार को समदरिया स्कूल ऑफ स्पेशल एजुकेशन दांदूपुर प्रयागराज द्वारा आयोजित “समसामयिक परिप्रेक्ष्य में योग की अर्थवत्ता“ विषयक ई-लर्निंग व्याख्यान श्रृंखला में बतौर मुख्य वक्ता प्रोफेसर त्रिपाठी ने कहा कि भारतवर्ष में अमूल्य वैदिक ज्ञान है। योग भारतीय ज्ञान की हजारों वर्ष पुरानी परम्परा है। प्रतिकूल परिस्थितियों में भी व्यक्ति को मन, वचन और कर्म से हिंसा रहित होने का प्रयास करना चाहिए। वर्तमान कोरोना काल में वैश्विक स्तर पर योग को उत्कृष्ट वैज्ञानिक पद्धति की स्वीकृति मिल चुकी है, जो जीवन जीना सिखाती है। महर्षि पतंजलि के अष्टांग योग दर्शन की विस्तृत चर्चा करते हुए प्रो. त्रिपाठी ने यम-नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि को वर्तमान में विशेष प्रासंगिक बताया। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित यह कार्यक्रम दो चरणों में सम्पन्न हुआ। प्रातःकाल योगगुरु पी.के तिवारी एवं विनीत पांडेय के निर्देशन में उत्सुक जनमानस के बीच योगाभ्यास कराया गया। प्रशिक्षकों द्वारा स्वस्थ जीवन के लिए योग एवं प्राणायाम की विभिन्न विधाओं की सूक्ष्म जानकारियां भी दी गयी। कार्यक्रम का शुभारम्भ बाल बटुक पंडित श्रीरंग त्रिपाठी द्वारा प्रस्तुत गीता श्लोक स्वस्तिवाचन के साथ हुआ। अतिथियों का स्वागत समदरिया स्कूल के निदेशक डॉ.मणि शंकर द्विवेदी, संचालन डॉ.अम्बिका प्रसाद पाण्डेय तथा आभार ज्ञापन डॉ.बबली द्विवेदी ने किया। तकनीकी दायित्व डॉ.मधुकराचार्य त्रिपाठी ने सम्हाला। इस अवसर पर डॉ.प्रदीप शर्मा, प्रभाकराचार्य त्रिपाठी, डॉ. सी.एस चौबे, डॉ.विमला मिश्रा, डॉ.मीना पटेल, अश्वनी त्रिपाठी, नीतू सिंह, सुमन, सरला, तृप्ति जायसवाल, बद्री सारदा, रितेश पाण्डेय, गौरी राणा, डॉ.बृजेश द्विवेदी, सौम्या द्विवेदी, दिव्या समदरिया आदि लोग उपस्थित रहे। हिन्दुस्थान समाचार/विद्या कान्त

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