कोरोना काल मे संजीवनी बना योग, प्राणायाम से संक्रमित हुए स्वस्थ

कोरोना काल मे संजीवनी बना योग, प्राणायाम से संक्रमित हुए स्वस्थ
yoga-became-sanjeevani-during-the-corona-period-got-infected-with-pranayama

रायबरेली, 20 जून (हि.स.)। कोरोना काल में आमजन को स्वस्थ रखने में योग ने संजीवनी का काम किया है। जनपद में कई ऐसे कोरोना संक्रमित मरीज थे, जिन्होंने योग की बदौलत कोरोना को हरा दिया और अब पूरी तरह से स्वस्थ हैं। संक्रमण के बाद नियमित योग और प्राणायाम के बल पर न केवल इससे निजात पाई, बल्कि किसी तरह के पोस्ट कोविड समस्याओं से भी बचे रहे। पूर्व जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ लक्ष्मी शंकर मिश्रा का कहना है कि 'नियमित योग और प्राणायाम से कई रोगों से बचा जा सकता है। प्राणायाम ने कोविड मरीजों पर एक संजीवनी का काम किया है। शिक्षक उदय बाजपेई बताते हैं कि बीते 10 अप्रैल के आसपास उन्हें बुखार आया और कोरोना जैसे लक्षण महसूस हुए तो उन्होंने अस्पताल जाने के बजाय घरेलू उपचार के साथ-साथ योग करना शुरू किया। कोरोना हराकर आज पूर्ण स्वस्थ हैं। लालगंज के रहने वाले युवा कवि योगेंद्र प्रताप सिंह बताते हैं कि कोविड संक्रमण के कारण उन्हें बुखार, सूखी खांसी, उल्टी और सांस फूलना इत्यादि शिकायतें थीं। उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और सुबह-शाम दोनों समय दो-दो घंटे योग करना शुरू किया। भस्तिका, अनुलोम-विलोम, कपालभाति और भृकुटि जैसे कई प्राणायाम किए। जिससे जादुई लाभ मिला। वहीं, इसके साथ-साथ घरेलू काढ़ा का भी सेवन किया और लगभग 15 से 20 दिन में सुधार हुआ और आज कोरोना को हराकर पूर्ण स्वस्थ हैं। लालगंज निवासी अधिवक्ता व साहित्यकार डॉ विनय भदौरिया ने बताया कि अप्रैल के प्रथम सप्ताह में बुखार आया और साथ ही ऑक्सीजन-सांस सम्बन्धी कुछ दिक्कत महसूस हुई। जिस पर योग का सहारा लिया। दिन में दो बार योग शुरू किया, जिससे वह पूर्ण रूप से स्वस्थ हुए। युवा समाजसेवी राहुल वर्मा बताते हैं कि उन्हें भी मार्च के अंतिम सप्ताह में कोविड संक्रमण का आभास हुआ। बुखार और खांसी की समस्या हुई थी। लगातार योग करने से वे स्वस्थ हो गए। गांवों में भी योग का क्रेज योग अब शहर के अलावा गांव-गांव तक पहुंच गया है। इसका क्रेज लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा है। इसका असर यह हुआ कि 2014 के बाद से शुरू हुआ राष्ट्रीय योग दिवस अब केवल सरकारी आयोजनों तक ही सीमित नहीं रह गया।इसमें सामाजिक संस्थाओं और आमजन की सहभागिता भी हो रही है। अरोग्य भारती जैसी अन्य संस्थाओं का प्रयास इस दिशा में इस बार 15 दिन पहले ही शुरू हो गया। कोविड कि कारण छोटे-छोटे योग शिविर लगाए गए और ऑनलाइन योग प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। हिन्दुस्थान समाचार/रजनीश

अन्य खबरें

No stories found.