पश्चिम बंगाल की हिंसा दिलाती है 1947 की याद : हिन्दू जागरण मंच

पश्चिम बंगाल की हिंसा दिलाती है 1947 की याद : हिन्दू जागरण मंच
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हाथरस, 07 मई (हि.स.)। पश्चिम बंगाल में चुनाव के परिणाम आने के बाद हिंसात्मक घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में राजनीतिक दल एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने के बजाय पीड़ितों के साथ न्याय करें। अब इन घटनाओं के विरोध में लगातार हिंदूवादी नेता भी टिप्पणियां कर रहे हैं। हिन्दुस्थान समाचार से बातचीत में हिंदू जागरण मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक रंजन आर्य ने कहा कि बंगाल की यह हिंसा सन् 1947 की याद दिलाती है। जब भारत विभाजन के समय हिंदुओं का नरसंहार किया गया था। आजाद भारत में ऐसी घटनाएं बर्दास्त नहीं की जायेगी। प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि भारत विभाजन के समय लाखों हिन्दू पाकिस्तान से जान बचाकर आते समय मारे गए थे। हिन्दुओं की महिलाएं बलात्कार की शिकार हुई थीं। उनके घरों को जला दिया गया था और लूटा गया था। कश्मीर में 1990 से पहले हिंदुओं के साथ बंगाल जैसा नरसंहार किया गया था। उनकी महिलाओं के साथ बलात्कार किया गया और घरों को लूटा गया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में राजनीति हिंसा नहीं, यह सोची समझी साजिश के तहत हिन्दुओं का नरसंहार है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने केन्द्र सरकार से हस्तक्षेप करने की मांग करते हुए पीड़ित परिजनों को न्याय दिलाने तथा बंगलादेशी घुसपैठियों को तत्काल देश से बाहर करने का मांग किया है। हिन्दुस्थान समाचार/चन्द्रिल