सात करोड़ खर्च के बाद भी कूड़ा निस्तारण की समस्या से जूझ रही विंध्य नगरी

सात करोड़ खर्च के बाद भी कूड़ा निस्तारण की समस्या से जूझ रही विंध्य नगरी
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- साढ़े सात करोड़ खर्च, खाद बनना तो दूर मशीनों में लग रही जंग - वर्ष 2011 में ही तैयार होना था सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट मीरजापुर, 16 जून (हि.स.)। मां विंध्यवासिनी की नगरी मीरजापुर कूड़ा निस्तारण की समस्या से जूझ रही है। सात करोड़ खर्च करने के बाद भी कूड़े से खाद बनना तो दूर मशीनों में जंग लगनी शुरु हो गई है। नगर को कूड़ा निस्तारण से निजात दिलाने के लिए वर्ष 2009 में विकास खंड सिटी के बिकना इटवां में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट योजना बनाई गई थी। लगभग सात करोड़ रुपए की भारी भरकम धनराशि खर्च होने के बाद भी योजना मूर्तरूप नहीं ले सकी है। वर्ष 2010 में 12 करोड़ की लागत से शुरू हुई महत्वाकांक्षी परियोजना को वर्ष 2011 में ही पूरा होना था, लेकिन कार्यदायी संस्था की खींचतान के चलते योजना अभी भी अधूरी पड़ी है। नगर पालिका परिषद मीरजापुर और एक निजी कंपनी ने प्लांट निर्माण आरंभ किया तो लोगों को आशा जगी की अब समस्या से निजात मिल सकेगी। नगर के लोगों को क्या मालूम था कि आपसी खींचतान के चलते योजना शुरु होने से पहले ही औंधे मुंह गिर जाएगी। जनपद में परियोजना समय से चालू हो जाती तो कूड़े से खाद बनती, जिससे किसानों को लाभ होता तो नगर के लोगों को कूडे़ की समस्या से निजात मिलती। वर्तमान में जनपद में गंगा घाटों को संवारने, कूड़े का निस्तारण, सीवर एवं पेयजल की क्षतिग्रस्त लाइनों को बदलने सहित कई योजनाओं पर कार्य चल रहा है। नगर पालिका अध्यक्ष मनोज जायसवाल ने कहा कि कूड़ा निस्तारण नगर की प्रमुख समस्या है। सॉलिड बेस्ट मैनेजमेंट का निर्माण लगभग 12 करोड़ की लागत से वर्ष 2010 में कराया गया था। कार्यदायी कंपनी बदलने के बाद प्रकरण न्यायालय में लंबित है। प्रकरण का न्यायालय से निस्तारण के बाद ही कार्य में प्रगति आएगी। इस बाबत पत्र भेजा गया है। हिन्दुस्थान समाचार/ गिरजा शंकर

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