वाराणसी: स्वदेशी जागरण मंच ने पेटेंट फ्री वैक्सीन संकल्प अभियान चलाया

वाराणसी: स्वदेशी जागरण मंच ने पेटेंट फ्री वैक्सीन संकल्प अभियान चलाया
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वाराणसी, 20 जून (हि.स.)। स्वदेशी जागरण मंच ,काशी ने रविवार को विश्व जागृति दिवस के रूप में पेटेंट फ्री वैक्सीन संकल्प कार्यक्रम का आयोजन किया। अभियान में शामिल मंच व अन्य संस्थाओं से जुड़े कार्यकर्ताओं ने शहर के कई स्थानों पर कोविड वैक्सीन को सर्व सुलभ बनाने और इसे पेटेंट मुक्त करने के लिए पोस्टर्स व बैनर लेकर लोगों को जागरूक भी किया। मंच के प्रांत संयोजक सत्येंद्र कुमार सिंह ने कहा कि वैश्विक मानवता आज कोविड-19 के रूप में एक अभूतपूर्व संकट व त्रासदी का सामना कर रही है। पिछले लगभग 01 वर्ष में दुनिया भर में 37 लाख से अधिक और भारत में 3.4 लाख से अधिक लोगों की इस महामारी से असमय मृत्यु हो गई है। इजरायल, यूएस, यूके, नार्वे आदि देशों ने अपनी वयस्क आबादी के बहुमत का टीकाकरण करके ताजा संक्रमण और कोरोना से होने वाली मौतों को नियंत्रित किया है। प्रांत संयोजक ने कहा कि लोगों को कोरोना से बचाने के लिए दुनिया को करीब 14 अरब वैक्सीन डोज की जरूरत है, जबकि पिछले लगभग 06 महीनों में सभी आठ फार्मा कंपनी द्वारा कोविड टीकों कि केवल 200 करोड़ रोज का ही उत्पादन किया जा सका है। वर्तमान दर पर दुनिया की योग्य आबादी को टीका लगने में दो-तीन साल और लग सकते हैं, जबकि पहले से ही टीका लगाए गए लोगों को पुनः नए कोरोना वेरिएंट से संक्रमित होने से बचाने के लिए 10-12 महीनों के समय में सभी देशों की योग्य आबादी का टीकाकरण करना जरूरी है। इसका अर्थ है कोई भी तब तक सुरक्षित नहीं रहेगा जब तक की सभी सुरक्षित नहीं हो। उन्होंने कहा कि कोविड टीकों के बड़े पैमाने पर उत्पादन में रुकावट विश्व व्यापार संगठन के ट्रिप्स के प्रावधानों के तहत आने वाले पेटेंट कानून और बौद्धिक संपदा अधिकार है जो अन्य फार्मा कंपनियों को इन टीकों के निर्माण की अनुमति नहीं देते हैं। दुनिया की 7. 87 अरब आबादी को कोरोना के चंगुल से बचाने के लिए वैक्सीन और दवाओं का उत्पादन बढ़ाने के लिए पेटेंट कानूनों में ढील देने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि यूनिवर्सल एक्सेस टू वैक्सीन एंड मेडिसिन अभियान सभी के लिए कोविड वैक्सीन उपलब्ध कराने के लिए चलाया जा रहा है। उच्च शिक्षा संस्थानों और स्वदेशी जागरण मंच जैसे सामाजिक संगठनों के सदस्यों की एक टीम ने दो ऑनलाइन याचिकाओं के माध्यम से दुनियाभर में अभियान शुरू किया है। इसमें एक याचिका कुलपति या समकक्ष जैसे व्यक्तियों के लिए और दूसरी अन्य लोगों के लिए। उन्होंने बताया कि पहली याचिका पर देश के 2,000 से अधिक प्रतिष्ठित व्यक्तियों ने हस्ताक्षर किए और दूसरी याचिका पर भारत और विदेशों से 14 लाख से अधिक व्यक्तियों द्वारा 16 जून तक हस्ताक्षर किए गए हैं। इन याचिकाओं के माध्यम से अपील की गई है कि विश्व व्यापार संगठन पेटेंट फ्री वैक्सीन के लिए ट्रिप्स के प्रावधानों में छूट दे, वैश्विक दवा कंपनियां स्वेच्छिक रूप से अन्य फार्मा कंपनियों को कोविड-19 के टीके बनाने की प्रौद्योगिकी हस्तांतरण सहित पेटेन्ट मुक्त अधिकार दे, सरकारें अपने संप्रभु अधिकारों का प्रयोग कर अधिक दवा फर्मो को टीके बनाने का लाइसेंस दे। संबंधित व्यक्ति और संगठन मानवता के लिए अभियान का समर्थन करें। जागरूकता अभियान में अक्षय सिन्हा, वैष्णव प्रकाश पांडेय, प्रेम सिंह, रीना सिंह, ऋचा सिंह, राधेश्याम गुप्ता, नीरज चौरसिया, मिथिलेश, आनंद मिश्रा आदि शामिल रहे। हिन्दुस्थान समाचार/श्रीधर

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