गांवों मेें आयोजित किये जाये वैक्सिनेशन कैम्प : संजय सिंह

गांवों मेें आयोजित किये जाये वैक्सिनेशन कैम्प : संजय सिंह
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झांसी, 29 अप्रैल (हि.स.)। परमार्थ समाज सेवी संस्थान के द्वारा चलाये जा रहे कोरोना जागरूकता अभियान जिंदगी मिलेगी न दोबारा के अन्तर्गत बुन्देलखण्ड के गांव-गांव जाकर लोगों को कोरोना महामारी एवं वैक्सीनेशन के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है। लोगों को यह समझाया जा रहा है कि कोरोना से बचने का पहला उपाय मास्क एवं सामाजिक दूरी है वही दूसरा उपाय वैक्सिन को लगवाना है। संस्थान के सचिव का मानना है कि गांवों में वैक्सिनेशन कैम्प आयोजित कराने की जरुरत है। संस्थान के द्वारा अभियान के साथ ही गांव में कोरोना के जांच एवं वैक्सिनेशन का विवरण भी लिया जा रहा है। 40 गांव मेें किये गये अध्ययन में अभी तक निकलकर आया है कि इन गांव की 60 हजार से अधिक आबादी में मात्र चार से पांच प्रतिशत व्यक्तियों के द्वारा कोरोना की जांच करायी गयी है। वही तीन प्रतिशत लोगों के द्वारा कोरोना से बचाव के लिए वैक्सिन लगवायी गयी है। टीम के द्वारा कोरोना के प्रति गांव के लोगों के व्यवहार का लगातार अध्ययन किया जा रहा है जिसमेें निकलकर आया है अभी भी ग्रामीण क्षेत्र के लोग कोरोना को शहरी बीमारी मान रहे है। न तो लोग मास्क का उपयोग कर रहे और न ही सामाजिक दूरी का पालन कर रहे हैं। संस्थान के सचिव संजय सिंह का कहना है कि कोरोना की महामारी जिस तरह से बढ़ रही है। ऐसे में गांव में संक्रमण की रफ्तार का पता करने के लिए जांच बहुत ही आवश्यक है। गांव के लोगों मे भी कोरोना के लक्षण दिखायी दे रहे है लेकिन कोई भी कोरोना की जांच नहीं करा रहा है, न ही वैक्सिनेशन करा रहे है। अगर ग्रामीण आबादी को कोरोना के संक्रमण से बचाना है तो गांव के लोगों का अधिक से अधिक वैक्सिनेशन कराना होगा। हिन्दुस्थान समाचार/महेश