मुख्तार अंसारी के एम्बुलेंस प्रकरण की उप्र सरकार कराएगी जांच, होगी कार्रवाई: सिद्धार्थनाथ

मुख्तार अंसारी के एम्बुलेंस प्रकरण की उप्र सरकार कराएगी जांच, होगी कार्रवाई: सिद्धार्थनाथ
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-कहा, सपा, कांग्रेस की सरकार ने मुख्तार अंसारी को पाला पोसा, दिया संरक्षण लखनऊ, 01 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के माफिया डॉन मुख्तार अंसारी के मोहाली कोर्ट में पेश होने के दौरान इस्तेमाल की गई एम्बुलेंस को लेकर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता एवं कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने पंजाब सरकार और वहां की पुलिस को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने गुरुवार को कहा कि मुख्तार अंसारी के लिए पंजाब भेजी गई एम्बुलेंस लग्जरी और बुलेट प्रूफ है। उत्तर प्रदेश सरकार इसकी जांच कराएगी और कार्रवाई भी की जाएगी। सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि पंजाब सरकार और वहां की पुलिस को इसका जवाब देना पड़ेगा। आखिर कैसे एक व्यक्ति, जिसे जेल में रखा वह एक निजी लग्जरी बुलेटप्रूफ एम्बुलेंस का इस्तेमाल कर रहा है। किस प्रकार के नियम के तहत उसे यह सुविधा दी गई है। सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि पंजाब की कांग्रेस सरकार जिस तरह से एक माफिया डॉन को संरक्षण दे रही है, यह इसका जीता जागता सबूत देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि सपा, कांग्रेस की सरकार ने मुख्तार अंसारी को पाला पोसा, उसी का परिणाम है कि आज वह सबसे बड़ा गैंगस्टर बन गया है। उन्होंने एम्बुलेंस का रजिस्ट्रेशन बाराबंकी जनपद से किये जाने को लेकर कहा कि आखिरकार एक निजी एम्बुलेंस इस तरह कैसे लग्जरी बनी और उसका किस तरह रजिस्ट्रेशन कराया गया, इसकी जांच तो सपा सरकार में उसी समय होनी चाहिए थी। लेकिन, उन्होंने ऐसा नहीं किया क्योंकि तब मालिक ही मुख्तार अंसारी थे। उस समय वही सपा सरकार चला रहे थे। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि हम पूरे मामले की जांच कराएंगे और किसी को भी नहीं छोड़ेंगे। उल्लेखनीय है कि बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी को जिस एम्बुलेंस यूपी 41 एटी 7171 से पंजाब के रोपड़ जेल से बुधवार को मोहाली कोर्ट लाया गया था। वह बाराबंकी के एक निजी अस्पताल के नाम पर रजिस्टर्ड है। हालांकि जिले में अस्पताल अस्तित्व नहीं है और न ही वहां वह डॉ. अलका राय ही हैं, जिसका नाम एम्बुलेंस की आरसी पर दर्ज है। इसके अलावा बाराबंकी एआरटीओ के मुताबिक सम्बन्धित एम्बुलेंस के रजिस्ट्रेशन की वर्ष 2015 में ही मियाद खत्म हो चुकी है। इसके अलावा एम्बुलेंस की फिटनेस भी साल 2017 में ही एक्सपायर हो चुकी है। जबकि 20 जनवरी 2020 को इस गाड़ी के रिन्यूअल के लिए एक नोटिस भेजा गया था। जिस पर कोई जवाब न आने के बाद अब गाड़ी को सीज करने की कार्रवाई की जानी थी। मुख्तार अंसारी के अब पेशी के दौरान इस नम्बर की एम्बुलेंस इस्तेमाल करने के बाद मामला सुर्खियों में है। हिन्दुस्थान समाचार/संजय/दीपक

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