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स्वरोजगार से आत्मनिर्भर बनेगा उप्र, चार साल में 10 लाख युवाओं का हुआ कौशल विकास

-अब तक 3.5 लाख को मिला रोजगार का अवसर - कौशल विकास प्रशिक्षण केन्द्रों पर 13 लाख युवाओं ने कराया है पंजीकरण -इस साल 86 हजार युवाओं को शिक्षुता प्रशिक्षण देने की तैयारी लखनऊ, 06 अप्रैल (हि.स.)। योगी सरकार उत्तर प्रदेश को स्वरोजगार से आत्मनिर्भर बनाने की फिराक में है। राज्य सरकार ने पिछले चार साल में 10 लाख से अधिक युवाओं का कौशल विकास किया और इनमें से करीब 3.5 लाख को रोजगार भी मिला। राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि यूपी के युवाओं का कौशल विकास प्रदेश की योगी सरकार बखूबी कर रही है। प्रदेश में सक्षम और दक्ष युवाओं को तैयार करने के लिए कौशल विकास विभाग की ओर से कई अभियान चलाए जा रहे हैं। प्रवक्ता ने बताया कि कौशल विकास अभियान के अंतर्गत चार वर्षों में प्रदेश की 336 तहसीलों में 79 कौशल विकास प्रशिक्षण केन्द्र व 74 जिलों में प्रधानमंत्री कौशल विकास केन्द्र प्रारम्भ हुए हैं। इन केन्द्रों पर लगभग 13 लाख युवाओं का पंजीकरण हुआ है। इन चार वर्षों में 9.48 लाख से अधिक युवा प्रशिक्षित हुए हैं। वहीं, इस साल मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन योजना के तहत प्रदेश के शासकीय, अशासकीय, सहकारी, निगम एवं निजी उद्योग में इस साल 86 हजार युवाओं को शिक्षुता प्रशिक्षण दिए जाने की तैयारी है। उन्होंने बताया कि आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के निर्माण में व्यावसायिक शिक्षा अहम रोल अदा कर रही है। योगी सरकार ने जहां 4 लाख सरकारी नौकरियां दे कर रिकार्ड बनाया है। वहीं, करीब 3.50 लाख से अधिक युवाओं का कौशल विकास कर उनको रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए हैं। इसके अलावा राज्य में 13 इन्क्यूबेटर्स स्टैंडअप कार्यरत हैं। ये इन्क्यूबेटर्स युवाओं को आइडिया जनरेशन से लेकर प्रोडक्ट तैयार करने तक में मदद करते हैं। प्रवक्ता ने बताया कि बड़े पैमाने पर युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए यूपी सरकार ने विगत चार वर्षों में राजकीय आईटीआई की संख्या 260 से बढ़ाकर 305 की है। 35 विधानसभा क्षेत्रों में नए राजकीय आईटीआई की स्थापना की गई है। आज राजकीय आईटीआई में 1 लाख 73 हजार 176 सीटें उपलब्ध हैं। इसके साथ ही सभी राजकीय प्रशिक्षण संस्थानों में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समेत अन्य गरीब परिवारों के अभ्यर्थियों को निःशुल्क प्रशिक्षण की व्यवस्था की जा रही है। विश्वविद्यालयों में भी कौशल विकास योजना अभियान के तहत व्यावसायिक शिक्षा पाठ्यक्रम में 5 नये ट्रेड भी शामिल किए गए हैं। विभागों में 50 हजार युवाओं को प्रशिक्षण मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन योजना के तहत अकेले सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्ययन विभाग की ओर से संचालित हो रही विभिन्न योजनाओं में 50 हजार युवाओं को शिक्षुता दक्षता के तहत प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें औद्योगिक विकास विभाग में 35 हजार युवाओं को प्रदेश में संचालित हो रहे विभिन्न भारी उद्योगों में दक्षता प्रशिक्षण दिया जाएगा। इन 18 विभागों में युवा कर सकेंगे ट्रेनिंग प्रवक्ता ने आगे बताया कि औद्योगिक विकास व एमएसएमई के साथ प्रदेश के 18 और विभागों में 37 हजार युवाओं को दक्षता प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में 5 हजार, नगर विकास विभाग में 1 हजार, सिंचाई विभाग में 5 हजार, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग में 400, पर्यटन विभाग में 100, माध्यमिक व उच्च शिक्षा विभाग में 2 हजार, चिकित्सा शिक्षा विभाग में 1 हजार, व्यवसायिक एवं कौशल विभाग में 600, प्राविधिक शिक्षा में 1 हजार, लोक निर्माण में 4 हजार, उर्जा विभाग में 8 हजार, परिवहन विभाग में 800, कृषि गन्ना उद्यान व खाद्य प्रसंस्करण एवं सहकारिता विभाग में 8 हजार, पशु पालन एवं दुग्ध विकास विभाग में 8 हजार, आवास एवं नियोजन में 5 हजार, यूपी आवास विकास परिषद में 160, यूपी प्रोजेक्ट कारपोरेशन में 80 और पंचायती राज विभाग में 4200 युवाओं को प्रशिक्षण देकर उनकी दक्षता को बढ़ाया जाएगा। हिन्दुस्थान समाचार/ पीएन द्विवेदी

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