उप्र : शराब नहीं कांच की बोतल को प्रोत्साहित करने के लिए 10 से 40 रुपये की बढ़ोतरी

उप्र : शराब नहीं कांच की बोतल को प्रोत्साहित करने के लिए 10 से 40 रुपये की बढ़ोतरी
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संशोधित लखनऊ, 04 मई (हि.स.) (अपडेट)। प्रदेश में कांच की बोतलों के निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए उप्र में बनी शराब की आपूर्ति टेट्रा पैक और कांच की बोतलों में किए जाने की अनुमति दी गई है। इसके लिए उत्पादक डिस्टिलरी को प्रदेश में बनी शराब की 25 प्रतिशत आपूर्ति कांच की बोतलों में करना होगा। आबकारी आयुक्त के मुताबिक, आज कुछ समाचार पत्रों एवं टेलीविजन चैनलों पर शराब महंगे होने की खबर चलायी जा रही है जो कि यह पूर्णता भ्रामक एवं गलत है। कहा कि सोमवार को कैबिनेट ने जो निर्णय लिया है केवल उप्र में प्रथम बार जो 90 एमएल की बोतल विक्रय के लिए अनुमति दी गई है उसके ऊपर अनुपातिक को कोविड सेस का निर्धारण किया गया। इसके तहत 750 एमएल की बोतल पर 60 रुपया, 375 एमएल पर 40 रुपया एवं 180 एमएल 20 रुपया का कोविड सेस पहले निर्धारित किया गया था, उसी अनुपात में प्रथम बार जो 90 एमएल की बोतल विक्रय करने की अनुमति प्रदान की गई, उस पर 10 रुपया का अनुपातिक कोविड सेस निर्धारित किया गया। ना तो शराब के दाम बढ़े हैं और ना घटे है। अर्ध सैनिक बल के लिए पुरानी व्यवस्था बहाल इसी तरह सेना और अर्ध सैनिक बल को दी जाने वाली पुरानी सुविधा को बहाल कर दिया गया है। अब प्रीमियम श्रेणी से उच्च श्रेणी की शराब की आपूर्ति पर निर्धारित कोविड सेस का 60 फीसदी देना होगा। मौजूदा सत्र में यह व्यवस्था समाप्त कर दी गई थी। उल्लेखनीय है कि आबकारी विभाग ने कोरोना सेस लागू करने के साथ ही आबकारी नीति में संशोधन के तहत कांच कारण कांच उद्योग को प्रोत्साहन देने का फैसला लिया है। जिसकी वजह से शराब की बोतल के दाम में दस से 40 रुपये की बढ़ोतरी होगी। शासन ने आबकारी नीति 2021-22 में संशोधन करते हुए रेगुलर कैटेगरी की शराब पर 10 रुपये प्रति 90 एमएल पर विशेष अतिरिक्त प्रतिफल शुल्क लगा दिया है। हिन्दुस्थान समाचार/दीपक