उप्र में शुरु होगी 600 करोड़ की नई पर्यटन परियोजनाएं, केंद्रीय मंत्री ने मांगे डीपीआर
उप्र में शुरु होगी 600 करोड़ की नई पर्यटन परियोजनाएं, केंद्रीय मंत्री ने मांगे डीपीआर
उत्तर-प्रदेश

उप्र में शुरु होगी 600 करोड़ की नई पर्यटन परियोजनाएं, केंद्रीय मंत्री ने मांगे डीपीआर

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पर्यटन योजनाओं से राज्य में सृजित होंगे लाखों रोजगार: प्रहलाद पटेल -केंद्रीय पर्यटन मंत्री ने की पर्यटन परियोजनाओं की समीक्षा लखनऊ, 31 जुलाई (हि.स.)। केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), प्रहलाद सिंह पटेल ने शुक्रवार को यहां कहा कि उप्र में चल रहीं विभिन्न पर्यटन योजनाओं से लाखों रोजगार सृजित होंगे। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित 600 करोड़ की नई योजनाओं के डीपीआर भी केंद्र सरकार को स्वीकृति हेतु तत्काल प्रेषित कराये जाने के निर्देश दिये हैं। केंद्रीय पर्यटन मंत्री आज शाम राजधानी के गोमतीनगर स्थित पर्यटन भवन में पर्यटन एवं संस्कृति विभागों द्वारा राज्य में कराये जा रहे कार्यों की संयुक्त समीक्षा की। इस दौरान प्रदेश के पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), डा0 नीलकण्ठ तिवारी भी उपस्थित रहे। इस दौरान केंद्रीय पर्यटन मंत्री के सामने पर्यटन विभाग द्वारा प्रदेश में नवीन योजनाओं के प्रस्तावों का प्रस्तुतीकरण भी किया गया। इस पर मंत्री ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि प्रस्तावित योजनाओं का डीपीआर तैयार कराकर भारत सरकार को स्वीकृति हेतु प्रेषित किया जाए। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से लाखों लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे, जिससे उनके आर्थिक एवं सामाजिक स्तर का उन्नयन होगा। साथ ही देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को स्तरीय सुविधायें प्राप्त हो सकंगी और उनका पर्यटन-अनुभव बेहतर हो सकेगा। केंद्रीय पर्यटन मंत्री के सामने प्रस्तुत की गई नवीन परियोजनाओं में स्पिरीचुअल सर्किट में गंगा सर्किट के पर्यटन विकास हेतु 100 करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया गया है। प्रस्तुतीकरण के दौरान मंत्री को बताया गया कि मां गंगा के तट पर अनेकानेक पवित्र तीर्थ स्थल स्थित हैं, जो पौराणिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन की दृष्टि से अत्यन्त महत्वपूर्ण है। वर्तमान में गंगा नदी के तट पर पड़ने वाले ऐसे समस्त महत्वपूर्ण एवं पवित्र स्थलों को चिन्हित करते हुए गंगा सर्किट के रूप में एक नए पर्यटन परिपथ का विकास किया जाना प्रस्तावित है। इन प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर लाखों की संख्या में पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं का आवागमन वर्षपर्यन्त होता रहता है। गंगा सर्किट के विकास से न केवल इन प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों का सुनियोजित ढंग से विकास हो सकेगा, बल्कि इस क्षेत्र में जल मार्ग के माध्यम से नौका विहार, वाटर स्पोर्ट्स एवं वाटर ट्रान्सपोर्टेशन का भी लाभ प्राप्त होगा। इसी तरह स्वदेश दर्शन स्कीम के अन्तर्गत नवीन योजनाओं में स्पिरीचुअल सर्किट के तहत नैमिषारण्य, मिश्रिख, धोबियागांव, हेरिटेज सर्किट के अन्तर्गत क्रान्ति पथ, हस्तिनापुर द्रौपदेश्वर, पाण्डेश्वर महादेव, द्रौपदी घाट, ईको-टूरिज्म सर्किट में मीरजापुर, चुनार, सीतामढ़ी और सोनभद्र, बुद्धिष्ट सर्किट के अन्तर्गत कौशाम्बी, संकिसा एवं सारनाथ तथा बुन्दलेखण्ड सर्किट का पर्यटन विकास कराया जाना प्रस्तावित है। इन परियोजनाओं की अनुमानित लागत 400 करोड़ रुपये है। इसके अलावा प्रसाद स्कीम के तहत वाराणसी एवं मथुरा में 100 करोड़ रुपये की नवीन पर्यटन विकास योजनाएं प्रस्तावित की गई हैं। स्वदेश दर्शन योजना समीक्षा बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया गया कि स्वदेश दर्शन योजना के रामायण सर्किट के अन्तर्गत उप्र में कई योजनाओं पर वर्तमान में कार्य कराया जा रहा है। इनमें प्रयागराज के श्रंगवेरपुर में संध्या घाट, टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेन्टर (टीएफसी), लास्ट माईल कनेक्टिविटी, पार्किंग, टायलेट फैसिलिटी, सोलर लाईटिंग, साईनेजेज के कार्य पूर्ण कराये जा चुके है। इसी तरह चित्रकूट में परिक्रमा मार्ग, कवर शेड, रामघाट पर फूड प्लाजा एवं टायलेट, रामघाट पार्किंग, परिक्रमा पर माडर्न टायलेट, टीएफसी, लास्ट माईल कनेक्टिविटी, फुट ओवरब्रिज, रामायण गैलरी और रामघाट लेजर शो के कार्य सितम्बर माह तक पूर्ण कर लिए जाएंगे। अयोध्या के बारे में बताया गया कि वहां रामकथा गैलरी, बहुउद्देशीय हाल, राम की पैड़ी, गुप्तार घाट एवं लक्ष्मण किला घाट के कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं तथा अयोध्या स्ट्रीट रिजुवेनेशन, पेडेस्ट्रियन पाथवे, बस स्टैण्ड, पंचक्रोसी परिक्रमा पर टूरिस्ट सेल्टर, सिटी वाइड इण्टरवेशन, मल्टीलेवेल पार्किंग के कार्य सिमम्बर तक पूर्ण हो जाएंगे। स्वदेश दर्शन स्कीम के बुद्धिस्ट सर्किट के अन्तर्गत हो रहे कार्यों के बारे में इस मौके पर मंत्री को अवगत कराया गया कि कुशीनगर में पार्किंग, साइनेज, सोलर लाइटिंग, सालिड वेस्ट मैनेजमेन्ट, मार्डन टायलेट, लास्टमाइल कनेक्टिविटी, सीसीटीवी एवं वाई-फाई के समस्त कार्य पूर्ण कराये जा चुके हैं। वहीं, कपिलवस्तु में हेलीपैड एवं टर्मिनल व वीआईपी ब्लाक के कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा साईनेज एवं पेयजल व्यवस्था, सीसीटीवी एवं वाई-फाई, सालिड वेस्ट मैनेजमेन्ट, ध्वनि एवं प्रकाश शो, बुद्धा थीम पार्क, टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेन्टर, पार्किंग, मार्डन टायलेट और सोलर लाइटिंग के समस्त कार्य दिसम्बर माह तक पूर्ण कर लिए जाएंगे। इसके अलावा श्रावस्ती में वल्र्ड पीस बेल, टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेन्टर एवं पार्किंग के कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा बुद्धा थीम पार्क, सोलर लाईटिंग, साईनेज एवं सालिड वेस्ट मैनेजमेन्ट, सीसीटीवी एवं वाई-फाई, ध्वनि एवं प्रकाश शो तथा मार्डन टायलेट के कार्य अक्टूबर तक पूर्ण होंगे। स्पिरीचुअल सर्किट स्पिरीचुअल सर्किट-1 योजना के अन्तर्गत बताया गया कि आहर, अलीगढ़, कासगंज, उन्नाव, प्रतापगढ़, कौशाम्बी, मीरजापुर, गोरखपुर, डुमरियागंज, बस्ती, बाराबंकी, आजमगढ़, कैराना, बागपत एवं शाहजहाँपुर में लैण्डस्केपिंग, टायलेट, सोलर लाईट, बेन्चेज, घाट, पाथवे, ध्वनि एवं प्रकाश शो तथा पहुंच मार्ग आदि के पर्यटन विकास संबंधी निर्माण कार्य दिसम्बर तक पूर्ण कर लिए जाएंगे। वहीं स्पिरीचुअल सर्किट-2 योजना के अन्तर्गत बिजनौर, मेरठ, कानपुर, कानपुर देहात, बाँदा, गाजीपुर, सलेमपुर, घोसी, बलिया, अम्बेडकर नगर, अलीगढ़, फतेहपुर, देवरिया, महोबा, सोनभद्र, चन्दौली, मिश्रिख एवं भदोही में घाटों का विकास, पार्किंग, लैण्डस्केपिंग, सोलर लाईट, मल्टीपर्पज हाॅल, टायलेट, बेन्चेज आदि के कार्य सितम्बर तक पूर्ण हो जाएंगे। स्पिरिचुअल सर्किट-3 योजना के अन्तर्गत जेवर, दादरी, सिकन्दराबाद, नोएडा, खुर्जा, बांदी में लैण्डस्केपिंग, बेन्चेज, टायलेट, साईनेज, पेय जल व्यवस्था, मल्टीपर्पज हाॅल आदि के कार्य अक्टूबर में पूर्ण होने को बताया गया। इसके अलावा स्पिरिचुअल सर्किट-4 के अन्तर्गत गोरखपुर, देवीपाटन, डुमरियागंज में टीएफसी, यात्री छादक, पेय जल व्यवस्था, बेन्चेज, लाईट्स, कथा स्थल, कुकिंग एरिया, प्रवेश द्वार, गजीबो, लैण्डस्केपिंग आदि के कार्यों को भी अक्टूबर तक पूर्ण कराने का दावा किया गया। हेरिटेज सर्किट योजना के अन्तर्गत बांदा स्थित कालिन्जर किला, सन्तकबीर नगर में मगहर धाम, चैरी चैरा, शहीद स्थल, महावर स्थल घोसी एवं शहीद स्मारक मेरठ में लैण्डस्केपिंग, बेन्चेज, टायलेट, डस्टबिन, घाट का विकास, इण्टरप्रेटेशन सेन्टर, मल्टीपर्पज हाल, साईनेज आदि के निर्माण कार्यों को दिसम्बर तक पूर्ण कराने की बात कही गई। वाराणसी योजना वहीं, प्रसाद स्कीम के अन्तर्गत हो रहे निर्माण कार्यों के बारे में केंद्रीय मंत्री को बताया गया कि वाराणसी में घाटों पर लाईटिंग का कार्य पूर्ण हो चुका है तथा घाटां पर आडियो सिस्टम, फसाड डेवलेपमेन्ट, स्ट्रीट पेडेस्ट्रिनाईजेशन एवं फूटपाथ, अस्सी घाट पर अतिरिक्त फैसिलिटीज, पंचक्रोसी परिक्रमा, रामेश्वरम पर फैसिलिटेशन सेन्टर, साईनेज के कार्य दिसम्बर तक पूर्ण कर लिए जाएंगे। यह भी बताया गया कि वाराणसी में क्रूज बोट संचालन की योजना भी क्रियान्वित की जा रही है, जिसमें क्रूज बोट के निर्माण का कार्य पूर्ण कर लिया गया है तथा जेट्टी एवं स्टोरी बोर्ड के कार्य प्रगति पर हंै। उसे भी दिसम्बर तक पूरा करा लिया जाएगा। इसके अलावा वाराणसी फेज-1 के अन्तर्गत बताया गया कि वहां के कुल स्वीकृत छह कार्यों में से अब तक पांच को पूर्ण कराकर उनका प्रधानमंत्री द्वारा लोकार्पण किया जा चुका है। बाकि एक कार्य सारनाथ में साउण्ड एण्ड लाइट शो योजना का प्रगति पर है। उसे भी अगस्त तक पूर्ण होने की उम्मीद जताई गई। मथुरा-वृन्दावन मेगा टूरिस्ट सर्किट केंद्रीय मंत्री को समीक्षा बैठक में आगे बताया गया कि वृन्दावन में टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेन्टर का निर्माण का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। मथुरा-वृन्दावन मेगा टूरिस्ट सर्किट फेज-2 के अन्तर्गत थीम पार्क अकबरपुर, जयकुण्ड जैत, चन्द्र सरोवर चैमुहा, कृष्ण सरोवर बाद का पर्यटन विकास का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। मथुरा में ही गोवर्धन के पर्यटन विकास के बारे में बताया गया कि गोवर्धन बस स्टैण्ड, कार स्टैण्ड, क्लाक रूम, टायलेट, बाउण्ड्री वाल, सरफेस डेवलेपमेन्ट, गोवर्धन परिक्रमा मार्ग पर स्ट्रीट फर्नीचर, डस्टबिन, सीसीटीवी, साउण्ड सिस्टम, वाईफाई सिस्टम, साइनेज, चन्द्र सरोवर के टायलेट ब्लाक, टिकट काउन्टर, गार्ड रूम, पार्किंग, लैण्ड स्केपिंग एण्ड साइट, कुसुम सरोवर में इल्यूमिनेशन, गुलाब, वाटिका, टायलेट, पेवड पाथ-वे एवं मानसी गंगा के विकास के कार्य जनवरी, 2021 तक पूर्ण कर लिए जाएंगे। संस्कृति मंत्रालय के कार्य समीक्षा बैठक में केंद्रीय मंत्री को संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार की म्यूजियम ग्राण्ट स्कीम के अन्तर्गत कराये जाने वाले कार्यों के बारे में भी जानकारी दी गई। बताया गया कि अयोध्या में रामकथा संग्रहालय में डिजिटल इण्टरवेंशन व रामायण गैलरी का कार्य फरवरी, 2022 तक पूर्ण कर लिया जाएगा। गोरखनाथ मन्दिर, गोरखपुर में संग्रहालय का कार्य फरवरी, 2022 तक पूरा होगा। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने उप्र संस्कृति विभाग द्वारा देवगढ़ में एक म्यूजियम के निर्माण का प्रस्ताव तैयार कराकर म्यूजियम ग्रान्ट स्कीम के अन्तर्गत वित्त-पोषण हेतु भारत सरकार को प्रेषित कराये जाने के निर्देश दिये। प्रदेश में रामलीला अकेडमी एवं ग्लोबल इन्साईक्लोपीडिया आफ रामायण का प्रस्ताव भी तैयार कराकर संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार को प्रेषित कराये जाने के उन्होंने निर्देश दिये। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने आश्वासन दिया कि भारत सरकार से धनराशि प्राप्त होने में कोई भी विलम्ब नहीं होगा। उन्होंने कहा कि योजनाओं का प्रस्ताव एवं उपयोगिता प्रमाण-पत्र राज्य सरकार द्वारा भारत सरकार को समय से प्रेषित किया जाये। साथ ही प्रदेश के अन्दर संचालित समस्त पर्यटन विकास योजनाओं को सर्वाच्च प्राथमिकता के आधार पर उच्च गुणवत्ता के साथ यथाशीघ्र पूर्ण कराये जाएं। बैठक में जितेन्द्र कुमार, प्रमुख सचिव, पर्यटन एवं संस्कृति, एनजी रवि कुमार, सचिव पर्यटन एवं संस्कृति विभाग तथा महानिदेशक, पर्यटन अविनाश चन्द्र मिश्र, संयुक्त निदेशक, पर्यटन अनूप कुमार श्रीवास्तव समेत सभी प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे। केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री प्रहलाद पटेल गुरुवार शाम को ही राजधानी आ गये थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के बाद कल ही वह डा0 नीलकंठ के साथ अयोध्या चले गये थे। वहां उन्होंने राम लला के अलावा अन्य प्रमुख मंदिरों में जाकर दर्शन पूजन किया और आज वापस लखनऊ आकर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। हिन्दुस्थान समाचार/ पीएन द्विवेदी/राजेश-hindusthansamachar.in