सर्वस्पर्शी और समावेशी है केन्द्रीय बजट, सभी वर्ग के लिए है इसमें प्रावधान : डॉ महेन्द्र पांडेय

सर्वस्पर्शी और समावेशी है केन्द्रीय बजट, सभी वर्ग के लिए है इसमें प्रावधान : डॉ महेन्द्र पांडेय
union-budget-is-all-inclusive-and-inclusive-there-is-provision-for-all-categories-dr-mahendra-pandey

-देश में राहुल गांधी एक फीसद लोगों को भी नहीं पसंद मृग मरीचिका में कांग्रेस और अन्य विरोधी दल किसान आंदोलन का कर रहे समर्थन वाराणसी, 07 फरवरी (हि.स.)। केंद्रीय कौशल विकास व उद्यमिता मंत्री डॉ महेंद्र नाथ पांडेय ने केन्द्रीय बजट 2021 को सकारात्मक, सर्वस्पर्शी और समावेशी बताकर इसकी सराहना की है। उन्होंने कहा कि बजट में समाज के सभी वर्गो के साथ देश के विकसित और सुदूरवर्ती समुद्र के किनारे के राज्यों के विकास के लिए भी बहुत कुछ है। केन्द्रीय मंत्री रविवार को छावनी क्षेत्र स्थित एक होटल में बजट की उपलब्धियों को गिना रहे थे। कोरोना संकट काल में पेश बजट को लेकर उन्होंने प्रधानमंत्री के नजरिये की तारीफ के बाद कहा कि लोग सोच रहे थे कि बजट में जनता पर कर का बोझ बढ़ेगा। आर्थिक कठिनाइयां आयेगी। स्वास्थ्य पर अतिरिक्त भार बढ़ेगा। बजट पेश होते ही सारी आशंकाएं निर्मूल साबित हुई। यह बजट विश्व के उन्नत देशों के बजट से भी बेहतर है। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि बजट में स्वास्थ्य, किसान हित में बजट का दायरा बढ़ाया गया है। लद्दाख, जम्मू कश्मीर को केन्द्रीय विश्वविद्यालय दिया गया है। बजट से पूर्वोत्तर भारत में ढ़ाचागत विकास होगा। उन्होंने कहा कि रेलवे में यूपी को 16 नई लाइन परियोजनाओं के लिए 951 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। रेलवे के ढ़ाचागत विकास और सुरक्षा पर 12 हजार 696 करोड़ का प्रावधान किया गया है। पूर्ववर्ती सरकार के 2009 से 2014 के कार्यकाल में यह बजट महज 1109 करोड़ का था। वह भी तब जब प्रदेश में सपा बसपा की सरकारें केन्द्र में डॉ मनमोहन सिंह की सरकार के समर्थन में रही। उन्होंने कहा कि 34 लाख 83 हजार करोड़ रुपये के बिग बजट में कृषि क्षेत्र खास कर मंडियों में सुविधा आदि के लिए खास इंतजाम किया गया है। कृषि क्षेत्र में प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना में बड़ा धनराशि आवंटन किया गया है। स्वच्छ भारत मिशन .शहरी के लिए 2300 करोड़ रूपये का आवंटन किया गया है। उन्होंने बताया कि सरकार ने बजट के पूर्व भी जरूरत के हिसाब से मिनी बजट जारी किया है। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि कृषि बिल में आखिर कहा विरोध है, ये बताने में विपक्षी दल असमर्थ है। सरकार ने कृषि बिलों को ड़ेढ़ वर्ष तक स्थगित रखने को कहा है। सरकार ने इन बिलों को एक से डेढ़ साल तक निलंबित रखने और समाधान का रास्ता निकालने के लिए एक समिति के गठन का प्रस्ताव रखा है। केन्द्रीय मंत्री ने जोर देकर कहा कि किसान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दिल में बसते है। बजट भारत के युवाओं में एक नया आत्मविश्वास पैदा करेगा। उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष में भारत हर एक क्षेत्र में आगे बढ़ा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक महामारी का डटकर मुकाबला किया है। वार्ता में भाजपा काशी क्षेत्र के प्रभारी कन्नौज के सांसद सुब्रत पाठक, काशी क्षेत्र के अध्यक्ष महेश चंद्र श्रीवास्तव, जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा, महानगर अध्यक्ष और अन्य नेता भी मौजूद रहे। हिन्दुस्थान समाचार/श्रीधर-hindusthansamachar.in