एक ही परिवार में तीन सदस्यों की मौत, सिर्फ महिला बुजुर्ग बची

एक ही परिवार में तीन सदस्यों की मौत, सिर्फ महिला बुजुर्ग बची
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गोरखपुर, 04 मई (हि.स.)। कोरोना वायरस दिन-ब-दिन घातक होता जा रहा है। इस वायरस ने जनपद में एक ही परिवार के तीन पुरुषों को महज 10 दिनों में लील लिया। चौरी चौरा के ब्रह्मपुर मिठाबेल गांव के निवासी रामानंद दूबे के परिवार पर कोरोना का भारी कहर टूटा है। परिवार के तीन पुरुष सदस्यों की मौत हो गई है, जबकि इनकी बहू का निधन बीते फरवरी माह में हो चुका था। ऐसे में परिवार में अब केवल 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला ही बची हैं। जानकारी के अनुसार, पुरुषों की मौत वायरस के संक्रमण के कारण हुई है। परिवार पूरी तरह बिखर गया। अब इस परिवार में सिर्फ एक बुजुर्ग महिला बची हैं। परिवार में कोरोना ने 18 अप्रैल को दस्तक दी थी। सबसे पहले छोटे बेटे सर्वेश में कोरोना वायरस के लक्षण दिखे। तेज बुखार के साथ सांस फूलने लगी थी। हालत बिगड़ी तो पिता रामानंद और बड़े बेटे प्रदीप ने छोटे भाई को मोहद्दीपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां 20 अप्रैल को कोरोना की पुष्टि हुई। दो दिन बीता ही था कि इलाज के दौरान सर्वेश की मौत हो गई। उसे बाद फिर पिता की तबीयत बिगड़ने लगी। तेज बुखार और सांस फूलने की समस्या आई। उन्हें भी उसी निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। छोटे बेटे की मौत के दो दिन बाद ही इलाज के दौरान पिता की भी मौत हो गई। पिता की मौत के बाद रिश्तेदारों ने एहतियात के तौर पर प्रदीप की कोरोना जांच कराई। रिपोर्ट पॉजिटिव आई। 26 अप्रैल को एयरपोर्ट के पास स्थित 100 बेड टीबी अस्पताल में उसे भी भर्ती कराया गया। लेकिन छह दिन बाद वह भी कोरोना की जंग हार गया। दो मई की सुबह उसकी भी मौत हो गई। इधर, चिता को मुखाग्नि देने वाला परिवार में कोई नहीं बचा था। प्रदीप के बहनोई सुनील और अरुण ने अंतिम संस्कार करवाया। हिन्दुस्थान समाचार/आमोद