The solution to the problems of the farmers is not with a stubborn attitude, but only through dialogue: Ramnaresh Tiwari
The solution to the problems of the farmers is not with a stubborn attitude, but only through dialogue: Ramnaresh Tiwari
उत्तर-प्रदेश

किसानों की समस्याओं का हल अड़ियल रवैये से नहीं,संवाद से ही सम्भव: रामनरेश तिवारी

news

झांसी,14 जनवरी(हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के प्रदेश महामंत्री रामनरेश तिवारी ने कहा कि आंदोलनरत किसानों की समस्याओं का हल अड़ियल रवैये से नहीं,संवाद से ही सम्भव है। उन्होंने किसानों के आंदोलन को गैर कानूनी करार देते हुए पुलिस अनुमति न लिए जाने का भी जिक्र किया। इसके लिए उन्होंने विपक्ष को जिम्मेदार ठहराते हुए उन आरोप लगाया कि विपक्षियों को तो अच्छे काम भी ठीक लगते हैं। उन्होंने यह भी संभावना जताई कि भविष्य में कानून अपने तरीके से भी उन लोगों से निपट सकता है। फिलहाल भाजपा सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए उनकी मध्यस्थता में किसानों के साथ वार्ता करना चाहती है। वह गुरुवार को भाजपा कार्यालय में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। प्रदेश महामंत्री ने भाजपा कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी किसानों के हर सुख दुख में शामिल हैं। केन्द्र सरकार द्वारा लाये गए तीनों कृषि बिल किसानों के हित में हैं। उन्होंने कहा कि देश के विपक्षी दलों और किसान नेताओं से सलाह मसावरा करके उनकी जानकारी में ही केन्द्र सरकार ने यह तीनों बिल पास कराये हैं। तब विपक्ष ने इन पर खुशी जाहिर की थी। उन्होंने कहा कि सब की मांग वर्षो से चली आ रही हैं कि किसानों को बिचैलियों से मुक्त किया जाए। इतना ही नहीं 1989 में किसान नेता रहे महेन्द्र सिंह टिकैत भी कहा करते थे कि किसानों को विचैलियों से मुक्त होना चाहिए। आज उनके ही बेटे द्वारा आंदोलन करना समझ से परे है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करती है और उन्होंने यह भी आशा जताई हैं कि आंदोलनरत किसान व किसान नेता भी सुप्रीम कोर्ट के सुझावों पर अमल करेंगे। उन्होंने कहा कि रास्ता रोककर समाज के लोगों को परेशानी में डालना ठीक नहीं है। उन्होंने बताया कि भविष्य में जल्द ही कानूनन उन्हें वहां से हटने को कहा जा सकता है। तथाकथित किसान नेताओं को यदि आंदोलन करना ही है तो यह जाम हटाकर एक निश्चित स्थान तय करके अपना आंदोलन चलाये। वैसे भी एक प्रदेश के अलावा उनके साथ किसी भी प्रदेश का किसान नही है। आम किसान तो अपने खेतों में काम कर रहा है। उसे इतनी फुर्सत कहां है। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री मोदी ने नारा दिया है कि जय जवान,जय किसान,जय विज्ञान और जय अनुसंधान। इसके साथ ही प्रधानमंत्री गांव के हर खेत पहुंचकर मृदा परीक्षण कराने के साथ ही किसान की समस्या का निस्तारण करना चाहते हैं। भला उनसे किसानों का अहित कैसे संभव है। एक सवाल के जबाब में उन्होंने कहा कि अशोक जाटव जी किसानों के लिए क्या बयान देते हैं यह उनका व्यक्तिगत मामला है। भाजपा नहीं जानती कि किसानों के भेष में वे कौन लोग हैं। लेकिन जो भी हैं वे देशहित और किसान हित में काम करें। इस मौके पर छत्रपाल सिंह राजपूत,जिलाध्यक्ष जमुना प्रसाद कुशवाहा,जिला मीडिया प्रभारी लाखन सिंह अस्ता,रिंकू उपाध्याय व संजय सिंह आदि उपस्थित रहे। हिन्दुस्थान समाचार/महेश-hindusthansamachar.in