सतत विकास लक्ष्य में सांख्यिकी की भूमिका महत्वपूर्ण - प्रो. चतुर्वेदी

सतत विकास लक्ष्य में सांख्यिकी की भूमिका महत्वपूर्ण - प्रो. चतुर्वेदी
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प्रयागराज, 29 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज में विज्ञान शाखा के तत्वावधान में राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस पर मंगलवार को आयोजित वेबिनार में प्रो. अनूप चतुर्वेदी, पूर्व विभागाध्यक्ष सांख्यिकी विभाग इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने कहा कि सतत विकास लक्ष्य में सांख्यिकी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह वेबीनार सतत विकास लक्ष्य 2 की थीम पर शून्य भुखमरी, खाद्य सुरक्षा प्राप्ति और बेहतर पोषण तथा सतत कृषि प्रोत्साहन के विशेष संदर्भ पर आयोजित किया गया। जिसमें प्रो. चतुर्वेदी ने सांख्यिकी के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कोविड-19 के समय सांख्यिकी की उपयोगिता से अवगत भी कराया। डॉ नियति जोशी, निदेशक, वित्त मंत्रालय, सेंट्रल बोर्ड आफ डायरेक्ट टैक्सेस, नई दिल्ली ने सतत् विकास के लक्ष्य के बारे में बताया। कहा कि एसडीजी 2 की थीम शून्य भुखमरी, खाद्य सुरक्षा प्राप्ति और बेहतर पोषण तथा सतत् कृषि प्रोत्साहन पर ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि भुखमरी को खत्म करने का लक्ष्य प्राप्ति वर्ष 2030 तक रखा गया है। अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. सीमा सिंह ने भारतीय सांख्यिकी के जनक प्रो. प्रशांत चंद्र महानालोबिस के योगदान को याद करते हुए नमन किया। उन्होंने सांख्यिकी का महत्व बताते हुए बिग डाटा एनालिसिस में सांख्यिकी की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी अनुज सिंह, डिप्टी डायरेक्टर, एनएसएसओ प्रयागराज ने दी। अतिथियों का स्वागत डॉ आशुतोष गुप्ता निदेशक, विज्ञान विद्या शाखा ने किया। आयोजन सचिव डॉ श्रुति ने संचालन तथा धन्यवाद ज्ञापन किया। हिन्दुस्थान समाचार/विद्या कान्त

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