कोरोना संक्रमित पिता को बेटियों ने कांधा देकर किया विधि विधान से अन्तिम संस्कार

कोरोना संक्रमित पिता को बेटियों ने कांधा देकर किया विधि विधान से अन्तिम संस्कार
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- संक्रमित होने के डर से रिश्तेदारों के न आने पर बेटियों ने दिखाई दिलेरी,सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी दिया साथ वाराणसी,29 अप्रैल (हि.स.)। कोरोना संक्रमण के दूसरी लहर के दौर में समाज में सत्तापक्ष से जुड़े ताकतवर अस्पताल संचालकों, जमाखोरों और काला बाजारियों के अमानवीय चेहरों के साथ कई वर्जनाएं भी टूट रही है। कोरोना संक्रमण से मृत लोगों के परिजनों का दर्द भी सामने आ रहा है। गुरूवार को भी सोशल मीडिया पर ऐसा ही एक मामला पूरे दिन वायरल होता रहा। कोरोना संक्रमित व्यक्ति की मौत के बाद रिश्तेदारों और परिचितों को फोन पर जानकारी मिलने के बाद भी संक्रमित होने के डर से जब कोई नही आया तो बेटियोंं ने ही कोरोना प्रोटोकाल का पालन करते हुए दिलेरी से पिता के शव को कांधा दिया और मोक्ष तीर्थ मणिकर्णिकाघाट पर विधि-विधान से अन्तिम संस्कार कर मुखाग्नि भी दी। संकट काल में बेटियों की दिलेरी और पिता के प्रति कर्तव्य, समाज को आइना दिखाने पर लोग सोशल मीडिया पर बेटियों को सैल्यूट कर मुक्तकंठ से उनके इस कार्य का सराहना करते रहे। मूल रूप से गाजीपुर के निवासी अधिवक्ता गिरिजेश प्रताप सिंह वाराणसी में किराये के मकान में परिवार के साथ रहते थे। पिछले दिनों बीमारी के दौरान कोरोना संक्रमित भी हो गये थे। बीते दिनों हालत बिगड़ने पर तीनों बेटियां उनके इलाज के लिए शहर के अस्पतालों में भागदौड़ करती रही, लेकिन समय से अस्पताल में भर्ती न होने और आक्सीजन न मिलने से बुधवार को उनकी मौत हो गई। गिरिजेश प्रताप सिंह के निधन की जानकारी बेटियों ने रिश्तेदारों और शुभचिंतकों को दी। संक्रमण के डर से जब रिश्तेदार नहीं आये तो बेटियों ने दिलेरी दिखाते हुए खुद ही शव घाट पर पहुंचाने की तैयारी करनेे लगी। यह देख कुछ लोग और सामाजिक कार्यकर्ता अमन मदद के लिए आये। तीनों बेटियों बड़ी कात्यायनी अधिवक्ता, दिव्या, तृप्ति उनके सहयोग से पिता के अर्थी को कांधा देकर पार्थिव शरीर लेकर मणिकर्णिकाघाट पहुंची। यहां विधि चिता लगवाने के बाद विधि विधान से पिता का अन्तिम संस्कार कर बेटियों ने बेटे की तरह फर्ज निभाया। मुखाग्नि बड़ी बेटी ने दिया। हिन्दुस्थान समाचार/श्रीधर