पूर्वाग्रह से रहित एवं भयमुक्त मन ही जीवन का सौंदर्य - अपर मुख्य सचिव

पूर्वाग्रह से रहित एवं भयमुक्त मन ही जीवन का सौंदर्य - अपर मुख्य सचिव
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मुक्त विवि में योग प्रशिक्षण पखवाड़े का आयोजन प्रयागराज, 15 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज में चल रहे योग प्रशिक्षण पखवाड़े में आज उत्तर प्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव होमगार्ड्स अनिल कुमार ने योग से अभय विषय पर व्याख्यान देते हुए कहा कि पूर्वाग्रह से रहित एवं भयमुक्त मन ही जीवन के सौंदर्य को निखारता है। मंगलवार को आयोजित व्याख्यान में उन्होंने कहा कि 90 प्रतिशत भय भविष्य की अनिश्चितताओं के लिए होता है। हमें यह समझना चाहिए कि जो घटना हुई नहीं, उसके लिए डर कैसा। डर भूतकाल और वर्तमान का नहीं होता। डर केवल अनिश्चितता एवं भविष्य की आशंका का है। अपर प्रमुख सचिव ने कहा कि वर्तमान में हम जो कर्म कर रहे हैं, उससे डर का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि जीवन में अनिश्चितता ना हो तो यह जीवन मशीन हो जाएगा। आनंद इसी में है कि भविष्य में अनिश्चितता है। जीवन का सौंदर्य अनिश्चितता में है। योग से जीवन में अभय की स्थिति आती है और क्षमता प्रस्फुटित होती है। जीवन में स्वतंत्रता का आनंद अनुभव होता है। उन्होंने प्रतिभागियों को योग की कई विधाओं से अवगत कराया। साथ ही उन्होंने प्रतिभागियों के मन से डर दूर भगाने के लिए मनोवैज्ञानिक परीक्षण भी किया। कुलपति प्रोफेसर सीमा सिंह ने अपर मुख्य सचिव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने अपना अमूल्य समय देकर न केवल विश्वविद्यालय का मान बढ़ाया है, बल्कि विश्वविद्यालय के शिक्षार्थी भी उनके प्रशिक्षण से लाभान्वित हो रहे हैं। इस अवसर पर स्वास्थ्य विज्ञान विद्या शाखा के निदेशक प्रोफेसर गिरजा शंकर शुक्ल ने कहा कि उनके उद्बोधन से न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पांच अन्य राज्यों के प्रतिभागी लाभान्वित हुए। उन्होंने कहा कि सीटें फुल होने की वजह से ऑनलाइन प्रशिक्षण में जो प्रतिभागी आज प्रतिभाग नहीं कर सके हैं, प्रतीक्षा सूची में रखे गए ऐसे शिक्षार्थियों के लिए अपर मुख्य सचिव का व्याख्यान एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम कल पुनः आयोजित किया गया है। हिन्दुस्थान समाचार/विद्या कान्त