teachers-will-be-made-health-ambassadors
teachers-will-be-made-health-ambassadors
उत्तर-प्रदेश

शिक्षकों को बनाया जाएगा स्वास्थ्य राजदूत

news

किशोर किशोरियों के मन की भ्रांतियों को 9 फरवरी से किया जाएगा दूर फर्रुखाबाद, 06 फरवरी(हि.स.)। आयुष्मान भारत योजना के तहत प्रदेश के 23 जनपदों में स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग के सयुंक्त तत्वाधान में स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम क्रियान्वित किया जा रहा है। कार्यक्रम का मुख्य उदेश्य स्वास्थ्य संबर्धन गतिविधियां, बीमारी की रोकथाम एवं एकीकृत स्वास्थ्य सेवाओं को स्कूल स्तर तक सुलभ बनाना है। कार्यक्रम मुख्य रूप से किशोरों में चोट, हिंसा, मादक द्रव्य सेवन, जोखिम भरा यौन व्यवहार, मनोवैज्ञानिक एवं भावनातमक विकार को कम करने पर केन्द्रित है। इस सम्बन्ध में शनिवार को मिशन निदेशक अपर्णा उपाध्याय की अध्यक्षता में एक आॅनलाइन कार्यशाला का आयोजन सम्बन्धित जिलों के स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। मिशन निदेशक ने कहा कि स्कूल हेल्थ एंड वेलनेस प्रोग्राम के तहत विद्यालयों में विभिन्न तरह के स्वास्थ्य कार्यक्रमों के सफल संचालन, स्कूली बच्चों के समग्र शैक्षणिक विकास मंक उनके स्वास्थ्य एवं पोषण-स्तर की सकारात्मक भूमिका होती है। स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग के संयुक्त प्रयास से स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम के साथ ही विभिन्न स्कूलों में स्वास्थ्य से संबंधित कार्यक्रमों का संचालन किया जायेगा। स्कूल जाने वाले बच्चों में स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से संबंधित जागरूकता पैदा करने और विद्यालय स्तर पर संचालित स्वास्थ्य गतिविधियों को प्रोत्साहित करना ही इसका मुख्य उद्देश्य है। आयुष्मान भारत कार्यक्रम के तहत संचालित स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम को लेकर विभिन्न विद्यालयों में स्वास्थ्य व्यवहार को बढ़ावा देने और रोगों के रोकथाम के लिए एक महिला व एक पुरूष शिक्षक को हेल्थ एंड वेलनेस एम्बेसडर के रूप में नामित कर उन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी और आरकेएसके के नोडल डॉ दलवीर सिंह ने बताया कि सरकारी एवं सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त विद्यालयों के 10 से 19 वर्ष तक के स्कूली बच्चों को स्वास्थ्य से संबंधित विभिन्न तरह के गतिविधियों के बारे में जागरूक किया जाएगा। जनपद स्तरीय सलाहकार चन्दन यादव ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के लिए समर्पित मोबाइल टीम के माध्यम से स्वास्थ्य से संबंधित समस्याओं की पहचान करने के बाद उसका समाधान भी करना हैं। साप्ताहिक आयरन एवं फॉलिक एसिड अनुपूरण कार्यक्रम एवं राष्ट्रीय कृमि दिवस कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को आईएफए एवं एल्बेंन्डाजोल की गोलियों का सेवन सुनिश्चित करवाना हैं। सैनिटरी नैपकिन वितरण करना और आयु विशेष के लिए टीकाकरण का प्रबंध करना, विद्यार्थियों को बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं का लेकर प्रशिक्षण प्रदान करना, प्रत्येक बच्चे का इलेक्ट्रोनिक रिकार्ड संधारित करना, कार्यक्रम की प्रगति से संबंधित प्रतिवेदन विहित प्रपत्र में संबंधित अधिकारी को नियमित रूप से भेजना हैं। हिन्दुस्थान समाचार/चन्द्रपाल-hindusthansamachar.in