सूरदासजी ने जगाई थी स्त्रीवादी चेतना : गीतांजलि शर्मा

सूरदासजी ने जगाई थी स्त्रीवादी चेतना : गीतांजलि शर्मा
surdasji-instilled-feminist-consciousness-geetanjali-sharma

- वृंदावन में होगा 10 व 11 मार्च को सूरदास महोत्सव का अन्नत आरंभ और आगामी वर्षों में परसौली में होगा भव्य सूरदास महोत्सव मथुरा, 07 मार्च (हि.स.)। वृंदावन में होने वाले सूरदास महोत्सव के आयोजन से पहले कथक नृत्यांगना गीतांजलि शर्मा ने गोवर्धन के परसोली में स्थित सूरदासजी की साधना स्थली पर जा कर दीप प्रज्ज्वलित कर व माल्यार्पण किया और सूरदास महोत्सव के सफल आयोजन की कामना की है। उन्होंने कहा कि सूरदासजी ने स्त्रीवादी चेतना जगाई थी। रविवार गीतांजलि ने कहा कि वह गोवर्धन की बेटी हैं। बचपन से ही सूरदासजी के चरणों मे एक छोटा सा प्रयास करना चाहती थी, जिस दिशा में इस वर्ष भी वृंदावन में 10 व 11 मार्च को सूरदास महोत्सव का अन्नत आरंभ होगा। गीतांजलि शर्मा ने कहा कि सूरदासजी को ज़्यादातर भक्त कवि के रूप में ही जानते हैं, किंतु बहुत सारे आधुनिक विद्वानों का मत यह भी है कि सूरदासजी लोक हितकारी व स्त्रीवादी चेतना भी उनकी पीड़ा का विषय था। सूरदास महोत्सव की स्थापना के पीछे सुर की यह चेतना मुख्य आकर्षण का विषय है, गीतांजलि का यह कहना है कि सुर की व्यापक दृष्टि को संगीत व नृत्य के माध्यम से हम अपना सम्मान प्रस्तुत कर रहे हैं। सूरदास महोत्सव के माध्यम से देश वा विदेशों के जाने माने नृत्य व संगीत गुरु इस आयोजन में अपनी प्रस्तुति देंगे। आने वाले समय में यह महोत्सव शास्त्रीय संगीत व नृत्य जगत के महोत्सवों में से एक प्रमुख महोत्सव के नाम से जाना जायेगा और यह महोत्सव पूरे विश्व में विस्तारित होकर बुलंदियाँ छुएगा। पद्मश्री अनूप जलोटा सूरदास महोत्सव में प्रथम दिन अपनी प्रस्तुति देंगे। उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी, डॉ. मुकेश आर्य बंधु ने शुभकामनायें देते हुए कहा कि ब्रज की पावन धरा पर भव्य महोत्सव का आयोजन सफल हो और इस से सभी बृजवासी जुड़ें। हिन्दुस्थान समाचार/महेश

अन्य खबरें

No stories found.