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उत्तर-प्रदेश

गन्ना मंत्री सुरेश राणा का विपक्ष पर पलटवार, बोले हर काम में दिखती है बुराई, नजरिए का दोष

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लखनऊ, 17 फरवरी (हि.स.)। प्रदेश में किसानों के गन्ना बकाया भुगतान को लेकर विपक्ष के हमलावर तेवरों के बीच गन्ना मंत्री सुरेश राणा ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों की सोच ही नकारात्मक होती है। ऐसे लोगों को दूसरे के हर काम में बुराई दिखती है। विपक्ष की स्थिति ऐसी ही है। यह उनका नहीं उनके नजरिए का दोष है। उन्होंने बुधवार को कहा कि आज गन्ना किसानों को लेकर घड़ियाली आंसू बहाने वालों को अपने गिरेबान में भी झांकना चाहिए। यह वही लोग हैं जिनके कार्यकाल में कौड़ियों के भाव कई चीनी मिलें बेच दी गयी। किसानों के मसीहा रहे चौधरी चरण सिंह की कर्मस्थली में स्थित रमाला चीनी मिल के आधुनिकीकरण की दशकों पुरानी मांग को अनसूनी करते रहे। इनके कार्यकाल में करोड़ों रुपये का गन्ना मूल्य बकाया रहा। गन्ना मंत्री ने कहा कि इसके कारण बड़ी संख्या में किसानों ने खुदकुशी की। तमाम किसानों ने गन्ने की खेती से तौबा कर ली। किसानों के नकली और सीजनल हमदर्दो के आंसू तब क्यों सूख गये थे। सुरेश राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्ग निर्देशन में गन्ना मूल्य का रिकॉर्ड भुगतान, रिकॉर्ड पेराई, रिकॉर्ड उत्पादन और चीनी परता जैसी उपलब्धियां क्यों नहीं दिखती। वैश्विक महामारी कोरोना के संकट के दौरान जब देश-दु़निया में सारी गतिविधियां ठप पड़ गईं थी, उस समय मुख्यमंत्री योगी के निर्देशन में प्रदेश की सभी मिलों का सफलता से संचालन, कोरोना के खिलाफ जंग में प्रमुख सैनिटाइजर का रिकार्ड उत्पादन भी इनको नहीं दिखता। दिखेगा भी नहीं, क्योंकि इनको दृष्टिदोष है। गन्ना मंत्री ने कहा कि जनता और किसानों को सब पता है। वर्ष 2014 से वह लगातार खारिज का इनका इलाज भी कर रही है। यकीनन आगे भी करेगी। इससे पहले कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव और उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा ने बुधवार को अपने ट्वीट में कहा कि लखीमपुर खीरी के किसान आलोक मिश्रा का छह लाख रुपये का गन्ना भुगतान बकाया है। उनको खेती, इलाज आदि के लिए तीन लाख का लोन लेना पड़ा। प्रियंका वाड्रा ने कहा कि 10,000 करोड़ का भुगतान फंसा होने के चलते उत्तर प्रदेश के लाखों किसानों का यही हाल है। वहीं 14 दिनों में भुगतान एवं आय दोगुनी का वादा जुमला निकला। वहीं समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी किसानों की समस्या को लेकर सरकार पर कटाक्ष किया। अखिलेश ने मंगलवार को कहा कि 'न एमएसपी दिलवाना, न किसानों की आय व गन्ने का दाम बढ़ाना, न बेरोजगारों को काम दिलाना, न नारी का मान बचाना, न बेइंसाफी को खत्म करना... अच्छा नहीं है बस आना, झूठे सपने दिखाना, बहलाना, बहकाना और बस चले जाना... जनता भी कह रही है अबकी बार है सबक सिखाना।' हिन्दुस्थान समाचार/संजय-hindusthansamachar.in

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