ड्यूटी पर तैनात सिपाही व वोट डालने के बाद बुजुर्ग की मौत, पीठासीन अधिकारी भी हुए बेहोश

 ड्यूटी पर तैनात सिपाही व वोट डालने के बाद बुजुर्ग की मौत, पीठासीन अधिकारी भी हुए बेहोश
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- धूप में वोट डालने को घंटों खड़े रहे मतदाता, एक बुजुर्ग की भी हालत बिगड़ी हमीरपुर, 26 अप्रैल (हि.स.)। जिले में सोमवार को पंचायत चुनाव के दौरान पोलिंग बूथ पर वोट डालने के बाद दो बुजुर्गों की हालत बिगड़ गयी, जिससे एक की मौत हो गयी। वहीं दूसरे को इलाज के लिये अस्पताल ले जाया गया है। जबकि चित्रकूट में तैनात एक सिपाही की भी यहां संदिग्ध हालत में मौत हो गयी है। एक पोलिंग बूथ पर मतदान अधिकारी बेहोश होकर जमीन पर करीब आधे घंटे तक जमीन पर पड़ा रहा। सूचना के बाद भी काफी देर बाद एम्बुलेंस मौके पर पहुंची और मतदान अधिकारी को गंभीर हालत में सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जिले में आज त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के मतदान शुरू कराया गया। सरीला ब्लाक के धगवां गांव में वार्ड-दस एवं ग्यारह में मतदान को लेकर मतदाताओं में गजब का उत्साह देखा गया। लेकिन यहां वोट डालने गये मातादीन पुत्र उदित नारायण को मायूस होकर लौटना पड़ा। उसने बताया कि पीठासीन अधिकारी ने यह कहते हुये वापस कर दिया कि तुम्हारा वोट पड़ चुका है। मामले की शिकायत सेक्टर मजिस्ट्रेट से की गयी जिस पर जांच कराने की बात कही गयी। धगवां गांव में वार्ड-4 से 7 में मताधिकार का प्रयोग करने पहुंचे बृजनारायण पुत्र हरनाम लोधी की धूप में लम्बी लाइन में खड़े होने के कारण तबियत बिगड़ गयी और वह जमीन पर गिर पड़ा। उसे आनन-फानन इलाज के लिये नजदीक के अस्पताल ले जाया गया है। इसी तरह से राठ ब्लाक के गल्हिया गांव स्थित पोलिंग बूथ पर सुकलाहरी गांव निवासी बुजुर्ग उदयभान वोट डालने पहुंचा। यहां वह काफी देर तक धूप में खड़ा रहा। बारी आने पर उसने वोट डाला और अपने घर के लिये चल पड़ा। घर पहुंचते ही उसकी मौत हो गयी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। चुनाव ड्यूटी पर आये सिपाही की मौत हमीरपुर जिले के मझगवां थाना क्षेत्र के टोला रावत गांव में चुनाव ड्यूटी पर चित्रकूट से आये सिपाही अरविन्द कुमार गौतम (55) की हालत गंभीर हो गयी। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गयी। मझगवां थाने के प्रभारी निरीक्षक रामजीत गौड़ ने बताया कि ये सिपाही चित्रकूट में तैनात था जो चुनाव ड्यूटी में यहां टोला रावत गांव में पोलिंग बूथ पर अपने पुत्र के साथ आया था। अचानक उसकी तबियत खराब हो गयी। जब तक उसे अस्पताल ले जाया जाता कि रास्ते में उनकी मौत हो गयी। बूथ के बाहर बेहोश होकर जमीन पर पड़ा रहा मतदान अधिकारी सुमेरपुर ब्लाक के टिकरौली गांव में पोलिंग बूथ-40 में तैनात पीठासीन अधिकारी मनोज कुमार की वोटिंग के दौरान हालत बिगड़ गयी और वह बूथ के बाहर जमीन पर काफी देर तक पड़ा रहा। सूचना देने के बाद भी एम्बुलेंस देरी से पहुंची और उसे सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एम्बुलेंस के देरी से पहुंचने पर गांव के मतदाताओं में नाराजगी देखी गयी। दिव्यांग बुजुर्ग वोट डालने को पहुंचा बूथ ग्रामीण इलाकों में बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं में वोट डालने का उत्साह गजब का देखा गया। कोरोना संक्रमण काल में कुरारा क्षेत्र के डामर गांव निवासी शिवबालक (80) दिव्यांग है जो अपने बेटों की मदद से चिलचिलाती धूप में पहुंचकर वोट डाला। उसने बताया कि पांच साल बाद अपने गांव का सरपंच चुनने को मौका आया है जिसे वह नहीं छोड़ सकता है। इधर, जिले के सुमेरपुर, राठ, सरीला, मुस्करा और मौदहा क्षेत्र के तमाम गांवों में बूढ़े लोगों ने पोलिंग बूथ पहुंचकर वोट डाले है। पारा ओझी गांव में तमाम बुजुर्ग मतदाता चारपाई पर लेटकर वोट करने को बूथ पहुंचे। हिन्दुस्थान समाचार/ पंकज