डिजिटल उत्सव में हैदराबाद की सिद्धि ने लड़कियों को बेखौफ रहने को किया प्रेरित
डिजिटल उत्सव में हैदराबाद की सिद्धि ने लड़कियों को बेखौफ रहने को किया प्रेरित
उत्तर-प्रदेश

डिजिटल उत्सव में हैदराबाद की सिद्धि ने लड़कियों को बेखौफ रहने को किया प्रेरित

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-महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण व देशप्रेम पर हुईं लाइव प्रस्तुतियां लखनऊ, 24 जुलाई (हि.स.)। कोरोना वायरस के संक्रमण के दौरान जब लोग अपने घरों में ज्यादातर रह रहे हैं, ऐसे में राजधानी लखनऊ में संस्कृति एवं सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से डिजिटल उत्सव का आयोजन हो रहा है। कार्यक्रम के तीसरे दिन शुक्रवार को ज्वलंत मुद्दों पर बाल कलाकारों ने अंजली फिल्म प्रोडक्शन के पेज पर लाइव प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने शिक्षा को बढ़ावा देने, कथक, लखनऊ की धरोहर, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण, नारी अस्तित्व सुरक्षा एवं देश प्रेम पर आधारित प्रस्तुतियों से लोगों का मन मोह लिया। हैदराबाद की सिद्धि द्विवेदी ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से लड़कियों को बेखौफ होकर रहने के लिए प्रेरित किया। सबसे पहले बारह वर्षीय वैष्णवी शुक्ला ने शिव वंदना के साथ अपनी प्रस्तुति शुरू की। इसके बाद देशभक्ति से ओतप्रोत ‘ए वतन मेरे वतन आबाद रहे तू’ पर देश प्रेम को प्रकट किया। इसी कड़ी में ही कोरोना संक्रमण पर आधारित गीत ‘इस जमाने में इस कोरोना ने कितने लोगों की जान ली है’ पर नृत्य एवम एक्ट के माध्यम से पर्याप्त दूरी बनाकर रहने पर दर्शकों से आवाहन किया। सान्वी श्रीवास्तव ने भारतीय संस्कृति को दर्शाते हुए गीतों पर कथक विधा में प्रस्तुति दी। मां सरस्वती की वंदना के साथ ‘जहां डाल डाल पर सोने की चिड़िया करती है बसेरा’ एवं सदाबहार गीत ‘पिया तोसे नैना लागे रे’ पर कथक नृत्य प्रस्तुत किया। सान्वी ने कथक को लखनऊ की धरोहर के रूप में प्रदर्शित किया। इसी क्रम में मन्नत अशरफ शेख ने शिक्षा को बढ़ावा देने की थीम पर दर्शकों को एजुकेशन की जरूरत के बारे में बताया एवं ज्ञान की जो रोशनी है उससे ही जिन्दगी एवं दीप शिक्षा के जलाएंगे हम पर एक्ट एवं नृत्य प्रस्तुत करके दर्शकों से शिक्षा को बढ़ावा देने का आवाहन किया। हैदराबाद से सिद्धि द्विवेदी ने महिला सशक्तिकरण पर आधारित एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां दी। इस प्रस्तुति का संदेश था कि आज भी कहीं न कहीं लड़कियों का बाहर के माहौल में निकलना काफी मुश्किल भरा होता है लेकिन उन मुश्किलों से भी कैसे आगे बढ़कर सफलता प्राप्त करनी है इसी मुद्दे को सिद्धि द्विवेदी ने ‘ममता भी तू क्षमता भी तू बेखौफ आजाद है रहना मुझे कैसी धाकड़ है धाकड़ है’ एवं ‘या देवी सर्वभूतेषु’ पर अपनी प्रस्तुति दी। गोंडा से अविका सुरभित ने पेड़ ही जीवन है एवं पर्यावरण संरक्षण पर नृत्य के माध्यम से अपना संदेश दिया। इसके बाद उन्होंने संगीत नृत्य को समर्पित फिल्मी गानों पर अपनी प्रस्तुति दी। साढ़े तीन वर्ष की राध्या सिंह ने घर का हेल्दी खाना ही खाने का पोस्टर लेकर ‘स्वस्थ खाओ तन मन जगाओ’ का संदेश दिया। कार्यक्रम का संचालन आनंद किशोर चैधरी ने किया, जबकि संदीप उपाध्याय टेक्निकल सपोर्ट में रहे। कार्यक्रम प्रभारी अर्चना पाल ने बताया कि अभी दो दिन और दोपहर एक बजे से शाम चार बजे तक अंजली फिल्म प्रोडक्शन्स के फेसबुक पेज पर विभिन्न सामाजिक जागरूकता थीम पर लाइव आयोजन होंगे। हिन्दुस्थान समाचार/ पीएन द्विवेदी/राजेश-hindusthansamachar.in