सिद्धार्थनगर : काला नमक चावल के किसानों की बढ़ी आमदनी - नवनीत सहगल

 सिद्धार्थनगर : काला नमक चावल के किसानों की बढ़ी आमदनी - नवनीत सहगल
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- काला नमक चावल का उत्पादन क्षेत्र 2805 हेक्टेयर से बढ़कर 5 हजार हेक्टेयर हुआ - इस वर्ष 10 हजार हेक्टेयर में होगी काला नमक चावल खेती - ऑनलाइन मार्केटिंग को अमेजॅन व फ्लिपकार्ट के साथ हुआ समझौता - कपिलवस्तु किसान निर्माता कम्पनी लिमिटेड को फ्लिपकार्ट पर मिला आर्डर लखनऊ, 11 जून (हि.स.)। सिद्धार्थनगर के कालानमक चावल को ओडीओपी उत्पाद के रूप में मान्यता मिलने के बाद से किसानों की आमदनी बढ़ी है। काला नमक चावल की ऑनलाइन मार्केटिंग के लिए अमेजॅन और फ्लिपकार्ट के साथ समझौता हुआ है। वहीं, कपिलवस्तु किसान निर्माता कम्पनी लिमिटेड को फ्लिपकार्ट पर 250 किलोग्राम काला नमक चावल का आर्डर मिला है। शुक्रवार को ये जानकारी पर मुख्य सचिव सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम, निवेश एवं निर्यात प्रोत्साहन डॉ. नवनीत सहगल ने दी। उन्होंने कहा कि ओडीओपी क्लस्टर विकास कार्यक्रम के कार्यान्वयन के बाद काला नमक चावल का उत्पादन क्षेत्र 2805 हेक्टेयर से बढ़कर 5 हजार हेक्टेयर हुआ है। उन्होंने दावा किया कि इस वर्ष 10 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में काला नमक चावल की खेती होगी। डॉ सहगल ने कहा कि सिद्धार्थनगर जिला सदियों से काला नमक चावल के लिए जाना जाता रहा है। लेकिन काला नमक चावल की खूबियों से देश-दुनिया योगी सरकार में परिचित हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने उद्देश्य से शुरू की गई एक जिला-एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के अन्तर्गत जिले के कालानमक चावल को ओडीओपी उत्पाद के रूप में मान्यता दी गई। इससे यहां के किसानों का जीवन ही बदल गया। ओडीओपी योजना से कालानमक चावल को जहां एक तरफ वैश्विक स्तर पर पहचान मिलने लगी, वहीं दूसरी ओर मात्र एक वर्ष में कालानमक चावल का उत्पादन लगभग दोगुना क्षेत्र में किया जाना शुरू हुआ। उन्होंने कहा कि बाजार संवर्धन कार्यक्रम के तहत कालानमक चावल के प्रचार-प्रसार, विपणन और ब्रांडिंग के लिए एमएसएमई विभाग और निर्यात संवर्धन के सहयोग से मार्च 2021 में जिले में तीन दिवसीय कलानमक महोत्सव का आयोजन किया, जिसका उद्देश्य जिले के अधिक से अधिक किसानों और व्यापारियों को एक मंच पर लाकर कालानमक चावल के ऐतिहासिक परिदृश्य तथा पोषण सम्बंधी जागरूकता फैलाना था। अपर मुख्य सचिव ने बताया कि इन प्रयासों के फलस्वरूप किसानों और एफपीओ को कालानमक महोत्सव में ग्राहकों से ऑर्डर मिलने लगे, लेकिन उत्पाद की आपूर्ति अभी भी कई किसानों के लिए एक चुनौती थी और इसका भी समाधान बेहतर ढंग सुनिश्चित किया गया। रसद की समस्या को दूर करने के लिए एफपीओ और किसानों को घरेलू बाजार ही बल्कि पूरे भारत में संगठित आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से अपने उत्पाद को बेचने की सुविधा प्रदान की गई। अमेजॅन और फ्लिपकार्ट से समझौता किया गया। साथ ही इन प्लेटाफर्म पर किसानों को कालानमक चावल की खूबियों के साथ आकर्षक रूप में प्रस्तुत करने के लिए हैंडहोल्डिंग दी गई। इसके अलावा एफपीओ को ई-कॉमर्स पोर्टल पर आधार/पैन/जीएसटी की ऑनबोर्डिंग के लिए अनिवार्य दस्तावेजों को पूरा करने में पूरा सहयोग किया। उन्होंने कहा कि ओडीओपी मार्केटिंग टीम और कालानमक क्लस्टर के जिला समन्वयक ने फ्लिपकार्ट से सिद्धार्थनगर एफपीओ और किसानों को फ्लिपकार्ट समर्थ पर ऑनबोर्ड करने के लिए संपर्क किया। फ्लिपकार्ट ने चार एफपीओ के नमूनों का अपनी प्रयोगशाला परीक्षण कराया, जिसमें से एक एफपीओ गुणवत्ता परीक्षण पास करने में सफल रही। वहीं, कपिलवस्तु किसान निर्माता कम्पनी लिमिटेड को फ्लिपकार्ट पर 250 किलोग्राम कालानमक चावल 175 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीद का आर्डर भी मिला। शेष अन्य एफपीओ के नमूनो को फिर से टेस्ट के लिए प्रयोगशाला में भेजने की कार्यवाही की जा रही है। हिन्दुस्थान समाचार/राजेश