श्रीराम मंदिर निर्माण भूमि पूजन में समाहित होगा काशी पुराधिपति के अभिषेक का जल व बेलपत्र
श्रीराम मंदिर निर्माण भूमि पूजन में समाहित होगा काशी पुराधिपति के अभिषेक का जल व बेलपत्र
उत्तर-प्रदेश

श्रीराम मंदिर निर्माण भूमि पूजन में समाहित होगा काशी पुराधिपति के अभिषेक का जल व बेलपत्र

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- भूमि पूजन के लिए काशी पुराधिपति के दरबार में संतों ने किया जलाभिषेक - कलश लेकर शुक्रवार को अयोध्या रवाना होंगे विहिप कार्यकर्ता वाराणसी, 30 जुलाई (हि.स.)। अयोध्या में भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन में बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी के धार्मिक क्षेत्र के बाहर की पवित्र मिट्टी, बाबा विश्वनाथ के अभिषेक का जल, चन्दन और बेलपत्र भी नींव में समाहित होगा। अयोध्या जाने से पहले गुरूवार को अखिल भारतीय सन्त समिति के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जितेन्द्रानंद सरस्वती के अगुवाई में विश्व हिन्दू परिषद के चुनिंदा कार्यकर्ताओं ने काशी के धार्मिक क्षेत्र के बाहर सामने घाट से मिट्टी और गंगा जल लिया। सारनाथ स्थित भगवान बुद्ध की प्रथम उपदेश स्थली और प्रमुख बौद्ध तीर्थस्थल सारनाथ, श्रमसाधक संत रविदास, लहरतारा स्थित संत कबीरदास की जन्मस्थली से मिट्टी लेने के बाद कार्यकर्ता बाबा विश्वनाथ के दरबार में पहुंचे। दरबार में स्वामी जितेन्द्रानंद सरस्वती के अगुवाई में विधि विधान से पूजन अर्चन के बाद कलश में बाबा के अभिषेक का जल,चंदन,बेलपत्र लिया। कार्यकर्ता कलश लेकर शुक्रवार सुबह सड़क मार्ग से प्रयागराज के रास्ते अयोध्या के लिए रवाना होंगे। बताते चले, देश भर के प्रमुख धार्मिक स्थलों से लाई गई मिट्टी और पवित्र नदियों के जल के साथ काशी की पवित्र मिट्टी और बाबा विश्वनाथ के अभिषेक के जल से भूमिपूजन होगा। विहिप से जुड़े पदाधिकारियों ने बताया कि काशी का गंगा जल और मिट्टी बाहर नहीं जाता। इसलिए भूमिपूजन में काशी के धार्मिक क्षेत्र के बाहर की पवित्र मिट्टी, बाबा विश्वनाथ के अभिषेक का जल, चंदन ,बेलपत्र लेकर कार्यकर्ता शुक्रवार सुबह अयोध्या रवाना होंगे। -काशी के विद्वानों की देखरेख में होगा भूमिपूजन अयोध्या में श्रीराम मंदिर का शिलान्यास और भूमि पूजन के लिए काशी विद्वत परिषद को जिम्मेदारी सौंपी गई है। परिषद के तीन सदस्य प्रो.रामनारायण द्विवेदी, प्रो.रामचंद्र पांडेय और प्रो. विनय पांडेय भूमि पूजन शास्त्रीय विधि से करायेंगे। परिषद के अध्यक्ष अध्यक्ष प्रो.रामयत्न शुक्ल की सहमति से तीन विद्यानों को इस कार्य के लिए चयनीत किया गया है। श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने भी इस पर सहमति दे दी है। इन तीनों विद्वानों के अलावा काशी के सन्त भी इस समारोह में शामिल होंगे। हिन्दुस्थान समाचार/श्रीधर/राजेश-hindusthansamachar.in