भव्य श्रीराम मंदिर बनने से नये युग का शुभारम्भ : आचार्य महामण्डलेश्वर
भव्य श्रीराम मंदिर बनने से नये युग का शुभारम्भ : आचार्य महामण्डलेश्वर
उत्तर-प्रदेश

भव्य श्रीराम मंदिर बनने से नये युग का शुभारम्भ : आचार्य महामण्डलेश्वर

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प्रयागराज, 23 जुलाई (हि.स)। भगवान श्रीराम के अयोध्या लौटने का सबसे ज्यादा 14 वर्षों तक सरयू तट पर खड़े होकर किन्नरों ने इंतजार किया था। आज वह घड़ी आ गयी है कि भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण होने जा रहा है। इससे एक नये युग का शुभारम्भ होने जा रहा है, जो इतिहास के पन्नों में स्वर्ण युग के नाम से जाना जायेगा और इससे सनातन धर्म को बहुत अधिक मजबूती मिलेगी। यह बातें किन्नर अखाड़ा के आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने गुरूवार को हिन्दुस्थान समाचार से हुई वार्ता में कही। उन्होंने अयोध्या में बनने जा रहे श्रीराम मंदिर निर्माण का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, उनके मंत्रिमण्डल और मंदिर निर्माण से जुडे़ सभी लोगों को बधाई दी है। कहा कि यह काम तो बहुत पहले होना चाहिये। भारत में आदिकाल से रामराज्य और सनातन धर्म चला आ रहा है क्योंकि इसकी उत्पत्ति भारत से ही हुई है। भारत से ही सनातन धर्म का प्रचार प्रसार विश्व में हुआ है। अधिकतर देशों में भगवान श्रीराम सहित सभी देवी-देवताओं का पूजन लोग पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ करते हैं। इतना ही नही रामचरित मानस सहित सभी हिन्दू धर्म ग्रंथों का पाठ करते हैं। उन्होंने कहा कि अयोध्या में भगवान श्रीराम के मंदिर का निर्माण तो बहुत पहले हो जाना चाहिए था लेकिन वोट की राजनीति के चक्कर में फंसे राजनेताओं ने ऐसा नहीं होने दिया। उन्होंने कहा जो हो रहा है वह बहुत ही अच्छा, सराहनीय और अभूतपूर्व है। कोरोना का प्रभाव कम होने पर किन्नर अखाड़ा करेगा दर्शन-पूजन आचार्य महामण्डलेश्वर ने सभी लोगों को कोरोना से सतर्क रहते हुए परिवार के लोगों का ध्यान रखने का सुझाव दिया है। कहा कि बहुत जरूरत पड़ने पर घर से बाहर निकले और इस दौरान मास्क पहनकर सोशल डिस्टेसिंग का पालन अवश्य करें। उन्होंने कहा कि इस महामारी का खतरा अभी सितम्बर तक ज्यादा है और उसके बाद से कम होना शुरू होगा। कहा कि कोरोना महामारी के कम होने पर वह अखाडे़ के सभी पदाधिकारियों और शिष्यों सहित अयोध्या जाकर दर्शन-पूजन करेंगे। अंत में उन्होंने कहा कि अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण होने से सबसे ज्यादा खुश किन्नर अखाड़ा है। हिन्दुस्थान समाचार/विद्या कान्त/दीपक-hindusthansamachar.in