श्री राम मंदिर निर्माण पूजन के ऐतिहासिक क्षण का बांदा भी बनेगा साक्षी
श्री राम मंदिर निर्माण पूजन के ऐतिहासिक क्षण का बांदा भी बनेगा साक्षी
उत्तर-प्रदेश

श्री राम मंदिर निर्माण पूजन के ऐतिहासिक क्षण का बांदा भी बनेगा साक्षी

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बांदा, 23 जुलाई (हि.स.)। भगवान राम की जन्मस्थली अयोध्या में श्री राम मंदिर निर्माण का शिलान्यास देश के प्रधानमंत्री पांच अगस्त को करेंगे। इस ऐतिहासिक पल का बुंदेलखंड का बांदा भी साक्षी बनेगा। यह गौरव दिलाएंगे काशी विद्वत परिषद के मंत्री और बांदा के ग्राम अछरोड निवासी प्रो. राम नारायण द्विवेदी, जो शिलान्यास के दौरान पूजन कराएंगे। बांदा जनपद के अछरौड के निवासी प्रो. रामनारायण द्विवेदी काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में व्याकरण के आचार्य हैं और देश की अत्यन्त प्राचीन धार्मिक और आध्यात्मिक संस्था जो शंकराचार्य का अभिषेक, पदारोहण या पद से निग्रह जैसे कार्यां का सम्पादन करते हैं। श्री काशी विद्वत परिषद् के मंत्री 5 अगस्त को रामजन्म भूमि पूजन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। इतना ही नहीं उनकी देख रेख में भारत के प्रधानमंत्री मोदीजी भूमि पूजन करेंगे। जब यह समाचार जनपद और ग्रामवासियो को मालूम हुआ तो लोगो को प्रसन्नता हुई कि बांदा के विद्वान को उस ऐतिहसिक क्षण में शामिल होने का अवसर प्राप्त हुआ, जो संस्कृत के मूर्धन्य विद्वानो में है। सभी जनपद वासी और ग्रामवासी इस बात से अपने आप को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। प्रो.राम नारायण द्विवेदी को दस से अधिक सम्मान प्राप्त हुए हैं। जिसमें कर्नाटक के राज्यपाल से तथा उत्तर प्रदेश सरकार से महर्षि पाणिनी सम्मान और भारत सरकार से महर्षि व्यास सम्मान तथा दिल्ली से शीला दीक्षित द्वारा संस्कृत भूषण सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। अभी उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान लखनऊ से विशिष्ट पुरस्कार, बिहार तथा हरियाणा से व्याकरण भूषण सम्मान व अनेक प्रतिष्ठित संस्थानों से संस्कृत जगत के विशिष्ट अलंकरण प्राप्त हुए हैं। इस समय काशी विद्वत परिषद् के मंत्री एंव अनेक विश्वविद्यालयो में विभिन्न समितियों के सदस्य हैं। इसके पहले दिल्ली केन्द्रीय विश्वविद्यालय में प्रोफेसर सनातन धर्म की आस्था का केंद्र होगा मंदिर काशी विद्युत परिषद के सचिव वेदों के जानकार प्रो.राम नारायण द्विवेदी कहते हैं कि ब्रह्मांड के नायक भगवान श्रीराम के मंदिर का शिलान्यास और भूमि पूजन का अवसर हर किसी के लिए गौरव का क्षण है। महागणपति के आवाहन के साथ पूजन आरंभ होगा। यह विश्व का भव्य मंदिर होगा जो सनातन धर्म की आस्था का केंद्र बनेगा। हिन्दुस्थान समाचार/अनिल/विद्या कान्त-hindusthansamachar.in