उत्तर-प्रदेश

उप्र में शारदा, सरयू, बलिया, राप्ती खतरे के निशान के ऊपर

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-12 जनपदों के 293 गांवों बाढ़ प्रभावित, सभी तटबंध सुरक्षित-राहत आयुक्त लखनऊ, 31 जुलाई (हि.स.)। प्रदेश के राहत आयुक्त संजय गोयल ने शुक्रवार को बताया कि प्रदेश में वर्तमान में सभी तटबंध सुरक्षित है। बाढ़ के संबंध में निरन्तर मॉनिटरिंग की जा रही है। कहीं भी किसी प्रकार की चिंताजनक परिस्थिति नहीं है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के प्रभावित जनपदों में सर्च एवं रेस्क्यू के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ तथा पीएसी की कुल 16 टीमें तैनाती की गयी है। उन्होंने बताया कि बाढ़, अतिवृष्टि की आपदा से निपटने हेतु बचाव व राहत प्रबन्धन के सम्बन्ध में विस्तृत दिशा निर्देश जारी किये जा चुके हैं। बाढ़ पीड़ित परिवारों को खाद्यान्न किट का वितरण कराया जा रहा है। अब तक राहत सामग्री के अन्तर्गत 4,646 खाद्यान्न किट, 1125 फूड पैकेट व 24,106 मीटर तिरपाल का वितरण किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि 151 मेडिकल टीम लगायी गयी है। राहत आयुक्त ने बताया कि बाढ़ की आपदा से निपटने के लिए प्रदेश में 94 बाढ़ शरणालय तथा 636 बाढ़ चौकी स्थापित की गयी है। वर्तमान में प्रदेश के 12 जनपदों के 293 गांवों बाढ़ से प्रभावित है। पलिया कला लखीमपुरखीरी में शारदा, तुर्तीपार बलिया में सरयू, बर्डघाट गोरखपुर में राप्ती नदी व बैराज श्रावस्ती में राप्ती अपने खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। प्रभावित गांवों के पशुओं के लिये चारे हेतु 05 किलोग्राम भूसा प्रतिदिन प्रति पशु इत्यादि की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 14 पशु शिविर स्थापित किये गये हैं तथा 3,65,881 पशुओं का टीकाकरण भी किया गया हैं।आपदा से निपटने के लिए जनपद एवं राज्य स्तर पर आपदा नियंत्रण केन्द्र की स्थापना की गयी है। राहत आयुक्त ने कहा कि किसी को भी बाढ़ या अन्य आपदा के संबंध में कोई भी समस्या होती है तो वह जनपदीय आपदा नियंत्रण केन्द्र या राज्य स्तरीय कंट्रोल हेल्प लाइन नम्बर-1070 पर फोन कर सम्पर्क कर सकता है। हिन्दुस्थान समाचार/संजय-hindusthansamachar.in