कोरोना के विकराल स्वरूप पर नियंत्रण के लिए काशी में विशेष मंत्रों का पाठ

कोरोना के विकराल स्वरूप पर नियंत्रण के लिए काशी में विशेष मंत्रों का पाठ
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संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्वयालय में महामारी के शमन के लिए विशेष प्रार्थना वाराणसी, 17 मई (हि.स.)। वाराणसी सहित पूरे देश में कोरोना संक्रमण से कराह रहे मानव समाज को बचाने के लिए वैदिक विद्वान भी आगे आ रहे है। विशेष मंत्रों से कोरोना के शमन के लिए यज्ञ और हवन भी कर रहे हैं। सोमवार शाम को सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में कोरोना महामारी के शमन के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने सर्व वेद शाखा स्वाध्याय कार्यक्रम का आयोजन ऑनलाइन किया। इसका शाम को विश्वविद्यालय के फेसबुक पेज पर प्रसारण भी किया गया। शाम पांच बजे से शुरू खास पूजा में चारों वेदों के 11 शाखाओं के चयनित विशेष मंत्रों का पाठ किया गया। अलग-अलग शाखाओं के मंत्रपाठ करने के लिए देश भर से महाराष्ट्र, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, आदि प्रदेश से उन उन शाखाओं के विद्वान जूम के माध्यम से जुड़े थे। चारों वेदों में से ऋग्वेद में शाकल तथा शाङ्खायन शाखा, शुक्ल यजुर्वेद माध्यन्दिन तथा काण्व शाखा, कृष्ण यजुर्वेद में तैत्तिरीय शाखा, सामवेद में कौथुममद्र, कौथुमगुर्जर,जैमिनीया,राणायनी शाखा तथा अथर्ववेद में पैप्पलाद एवं शौनक शाखा के मंत्रों का पाठ करके महामारी से विश्व को शान्ति मिलने की प्रार्थना की गयी। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.राजाराम शुक्ल ने किया। उन्होंने बताया कि वैदिक मंत्रों की प्रार्थना में बहुत शक्ति होती है। इन मंत्रों के द्वारा की गई महामारी शमन की प्रार्थना विश्व को महामारी से बचाएगी तथा मृतात्माओं को शान्ति प्रदान करेगी। हिन्दुस्थान समाचार/श्रीधर

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