पूर्व सांसद रमाकांत यादव रक्षासूत्र कटवाने के साथ नाम के आगे ‘शूद्र‘ शब्द का करेंगे प्रयोग
पूर्व सांसद रमाकांत यादव रक्षासूत्र कटवाने के साथ नाम के आगे ‘शूद्र‘ शब्द का करेंगे प्रयोग
उत्तर-प्रदेश

पूर्व सांसद रमाकांत यादव रक्षासूत्र कटवाने के साथ नाम के आगे ‘शूद्र‘ शब्द का करेंगे प्रयोग

news

आजमगढ़, 27 जुलाई (हि.स.)। पूर्व बाहुबली सांसद व सपा नेता रमाकांत यादव ने एक बार फिर विवादों में है। अपने आवास पर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आये लोगों के साथ उन्होने बैठक की। बैठक के दौरान एक बार फिर सैकड़ों लोगों के रक्षासूत्र काटे गये। इस दौरान पूर्व सांसद ने दावा किया जनपद और आस-पास के जिलों में सत्तर प्रतिशत लोगों ने रक्षासूत्र कटवा दिया है और अब नाम के आगे ‘शूद्र‘ शब्द का प्रयोग करेंगे। सोमवार को नगर परानापुर स्थित अपने आवास पर मीडिया से बातचीत करते हुए सपा नेता व पूर्व सांसद रमाकांत यादव ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न जिलों से सैकड़ो लोगों के साथ उन्होने आज बैठक की है। रक्षासूत्र कटवाने का सिलसिला चल रहा है। काफी अध्यन के बाद बैठक में फैसला लिया गया है कि जो हमारे पूर्वज बाबा साहेब भीम राव आम्बेडकर, कर्पूरी ठाकुर, नारायणा गुरू, पेरियार, ज्योतिबा फूले आदि लोगों ने जो रास्ता हमें बताया है हमने उस रास्ते को अध्यन करने के बाद चुना है। जब-जब हम लोग किताबों को पढ़ते है तो हिन्दू धर्म में चार वर्ण मिलते है। ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र। जिससे यह साबित होता है कि पूरा पिछड़ा और दलित समाज शूद्र है। तो हम अपने समाज को सवांरने, पांखंड से दूर रहने, बच्चों को शिक्षा मंदिर में भेजने, अपने अधिकार की लड़ाइ लड़ने, अधिकार पाने के लिए फैसला लिया गया है कि हम अपने नाम के आगे ‘शूद्र‘ शब्द लगायेंगे। उन्होंने कहा कि अब उनका नाम रमाकांत यादव नहीं बल्कि शूद्र रमाकांत यादव है। पूर्व सांसद ने कहा कि यह फैसला, अपने समाज के हित, सामाजिक लड़ाई लिए लिया गया है।उन्होंने कहा कि आज भी सैकड़ों लोगों के रक्षासूत्र काटा गया है। उन्होंने दावा किया आजमगढ़, अम्बेडकरनगर, जौनपुर आदि जिलों में लोगों ने 70 प्रतिशत रक्षा सूत्र काट दिये है। जो भी लोग शेष उनको हम और हमारे साथी बतायेगें और निश्चित रूप से सभी लोग रक्षासूत्र कटवा देगें। मंदिर जाना लोग छोड़गेें और विद्या मंदिर जाना शुरू कर देगें। गौरतलब है कि 23 जून को पूर्व सांसद ने अपने अम्बारी स्थित आवास पर भी युवाओं के रक्षा सूत्र कटवाते हुए, मंदिर न जाने की सलाह देते हुए विद्या मंदिर जाने के लिए पे्ररित किया था। पूर्व सांसद के इस करनी और कथनी के बाद विवाद हुआ। कई संगठन सपा नेता व पूर्व सांसद के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किये थे और प्रशासन से कार्रवाई की मांग की थी। लेकिन मामाला धीरे-धीरे शांत हो गया। लेकिन अब एक बार फिर पूर्व सांसद ने इसको हवा दी है। हिन्दुस्थान समाचार/राजीव/दीपक-hindusthansamachar.in