पूर्वांचल विद्युत् वितरण निगम के निजीकरण का प्रस्ताव रद्द करने की कर्मचारियों ने की अपील

पूर्वांचल विद्युत् वितरण निगम के निजीकरण का प्रस्ताव रद्द करने की कर्मचारियों ने की अपील
पूर्वांचल विद्युत् वितरण निगम के निजीकरण का प्रस्ताव रद्द करने की कर्मचारियों ने की अपील

वाराणसी, 25 जुलाई (हि.स.)। प्रदेश के बिजली कर्मियों ने पूर्वांचल विद्युत् वितरण निगम के निजीकरण का प्रस्ताव रद्द करने की अपील मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की है। कर्मचारियों ने कहा कि कोरोना महामारी के बीच निर्बाध सुचारु बिजली आपूर्ति बनाये रखने वाले प्रदेश के ऊर्जा निगमों की किसी भी इकाई का निजीकरण उन्हें स्वीकार्य नहीं है। विद्युत् कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने शनिवार को वर्चुअल बैठक कर कहा कि प्रदेश में उर्जा निगमों की निजीकरण की प्रक्रिया शुरू हुई तो कर्मचारी आन्दोलन के लिए बाध्य होंगे। समिति के पदाधिकारी ने कहा कि 05 अप्रैल 2018 को ऊर्जा मंत्री श्रीकान्त शर्मा की उपस्थिति में पॉवर कार्पोरेशन प्रबंधन ने संघर्ष समिति से लिखित समझौता किया था कि प्रदेश में ऊर्जा क्षेत्र में कोई निजीकरण नहीं किया जाएगा। ऐसे में अब निजीकरण की बात करना समझौते का खुला उल्लंघन है। गूगल मीट बैठक में ई. चंद्रशेखर चौरसिया, ई. सुनील कुमार, केदार तिवारी, नीरज बिंद, जीउत लाल, मायाशंकर तिवारी, मदन श्रीवास्तव,राजेन्द्र सिंह, एपी शुक्ला, अंकुर पाण्डेय आदि शामिल रहे। हिन्दुस्थान समाचार/श्रीधर/संजय-hindusthansamachar.in

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