जनता की सेवा अपराध है, तो ये अपराध बार-बार करूंगा - अजय राय

जनता की सेवा अपराध है, तो ये अपराध बार-बार करूंगा - अजय राय
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-सुरक्षा में तैनात गनर हटाये जाने से नाराज कांग्रेस नेता ने सरकार पर जानबूझकर लापरवाही बरतने का आरोप वाराणसी, 24 मार्च (हि.स.)। अपनी सुरक्षा में तैनात गनर को हटाये जाने से नाराज कांग्रेस के नेता और पूर्व विधायक अजय राय ने योगी सरकार के नीयत पर सवाल उठाया है। अपनी सुरक्षा को लेकर 24 घंटे पूर्व प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखने के बाद पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि जानबूझ कर उनकी सुरक्षा में लापरवाही बरती जा रही है। पूर्व विधायक बुधवार को लहुराबीर महामंडल नगर स्थित अपने आवास पर मीडिया कर्मियों से रूबरू रहे। उन्होंने कहा कि जनता की सेवा करना कोई अपराध है या फिर सरकार जनित समस्याओं को लेकर जनता के बीच जाना सरकार की नजर में अपराध है। तो ऐसे अपराध मैं बार-बार करूंगा। उन्होंने कहा कि मैं सच्चा जन सेवक हूँ और अपने खून की आख़िरी बूंद तक जनता और देश के हितों की रक्षा के लिए लगा दूंगा, यह मेरा प्रण है। उन्होंने कहा कि एक बार एमएलए बन जाने पर जन प्रतिनिधि को सरकार समर्थित हर तरह की सुरक्षा मुहैया मिल जाया करती है। वे वाराणसी के पिंडरा विधानसभा से पांच बार के विधायक एवं पूर्व मंत्री रह चुके हैं। ऐसे में वर्तमान भाजपा सरकार बेहद घृणित मानसिकता के साथ विद्वेषपूर्ण तरीके से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि तीन दशकों के मेरे सार्वजनिक जीवन में मेरे ऊपर एक भी ऐसा कोई आरोप नहीं लगा जो कि कानून की नजर में आपत्तिजनक हो। तीन दशक के सार्वजनिक जीवन में मैंने असहाय, दीन-दुखियों तथा अशक्तजनों के हितों के संरक्षण के लिए काम किया है। अपने बड़े भाई स्व.अवधेश राय की हत्या का चश्मदीद गवाह हूं। जिसका मुकदमा अभी चल रहा है। उनकी गवाही कुख्यात अपराधी मुख़्तार अंसारी के ख़िलाफ़ है। उन्होंने बताया कि पूर्व में भी प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा था। अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की थी। पर हैरत की बात है कि उस पत्र पर मुख्यमंत्री ने कोई यथोचित कार्यवाही नहीं की। बल्कि दस प्रतिशत व्यय पर जो मेरी सुरक्षा थी उसे भी हटा लिया गया। पूर्व विधायक ने बताया कि जानकारी मिली है कि स्थानीय ख़ुफ़िया विभाग एवं एलआईयू ने अपनी रिपोर्ट में मेरी सुरक्षा को लेकर चिंता भी प्रकट की थी। मेरे ऊपर जानलेवा हमले का अंदेशा भी प्रकट किया था। फिर भी उत्तर प्रदेश सरकार ने जानबूझकर मेरी सुरक्षा वापस ले ली। वार्ता में जिलाध्यक्ष राजेश्वर पटेल, महानगर अध्यक्ष राघवेन्द्र चौबे,छावनी क्षेत्र के पूर्व उपाध्यक्ष शैलेन्द्र सिंह,डॉ नृपेन्द्र नारायण आदि भी मौजूद रहे। हिन्दुस्थान समाचार/श्रीधर

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