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उत्तर-प्रदेश

पहले विद्यालयों में नहीं रहते थे शिक्षक, आज हर विद्यालय में तीन शिक्षक से बना पढ़ाई का माहौल : सतीश द्विवेदी

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-बेसिक शिक्षा मंत्री ने कहा, शिक्षा की गुणवत्ता में हुआ काफी सुधार लखनऊ, 25 फरवरी (हि.स.)। कभी विद्यालय शिक्षक विहीन हुआ करते थे। वहां पढ़ाई नहीं, सिर्फ मध्याह्न भोजन के लिए बच्चे जाते थे। आज परिषदीय विद्यालय अच्छे प्राइवेट विद्यालयों को शिक्षा के क्षेत्र में टक्कर दे रहे हैं। अभिभावक प्राइवेट विद्यालयों से बच्चों का नाम कटवाकर परिषदीय विद्यालयों में प्रवेश दिला रहे हैं। शिक्षा की गुणवत्ता में काफी सुधार हुआ है। मिशन प्रेरणा को गति प्रदान करने के लिए प्रदेश में एक लाख 20 हजार शिक्षकों की भर्ती की गयी है। आज प्रत्येक विद्यालय में तीन से अधिक अध्यापक हैं। ये बातें प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी ने गुरुवार को कही। उन्होंने कहा कि कोविड महामारी के दौरान तथा अद्यतन वाट्सएप ग्रुप, दूरदर्शन, आकाशवाणी, दीक्षा स्मार्ट क्लासेज आदि के माध्यम से शैक्षणिक कंटेंट लगातार उपलब्ध कराये जा रहे हैं। प्रेरणा लक्ष्य एप के माध्यम से अभिभावक ज्ञानार्जन का स्तर घर बैठे ही जानकारी कर सकते हैं। बच्चों को हर नई टेक्नालाजी से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे दुनिया के बदलाव के साथ बच्चे कदमताल मिला सकें। उन्होंने कहा कि विद्यालयों एवं कक्षों का रूपांतरण के उद्देश्य से प्रत्येक विद्यालय में अच्छी एवं रोचक कहानियों से परिपूर्ण एनसीआरटी की 500 से 1000 पुस्तकों से युक्त पुस्तकालय स्थापित किये गये हैं। बुनियादी शिक्षा एवं उपचारात्मक शिक्षा हेतु शिक्षकों को शिक्षक हस्तपुस्तिकाएं उपलब्ध करायी गयी हैं। हिन्दुस्थान समाचार/उपेन्द्र/दीपक