बुंदेलखंड की पहचान है रेलवे, निजीकरण का करेंगे विरोध : प्रदीप जैन
बुंदेलखंड की पहचान है रेलवे, निजीकरण का करेंगे विरोध : प्रदीप जैन
उत्तर-प्रदेश

बुंदेलखंड की पहचान है रेलवे, निजीकरण का करेंगे विरोध : प्रदीप जैन

news

झांसी, 23 जुलाई(हि.स.)। भारत सरकार द्वारा रेलवे को पीपीपी मॉडल पर निजी हाथों में सौंपने जाने के विरोध में गुरूवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य के नेतृत्व में कांग्रेस के प्रतिनिधि मंडल ने भारत सरकार के रेल मंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन मंडल रेल प्रबंधक संदीप माथुर को सौंपा। भारत सरकार के पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने मण्डल रेल प्रबंधक को ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि रेलवे से बुंदेलखंड की पहचान है। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि भारत सरकार द्वारा जिस तरीके से देश के बड़े-बड़े स्टेशनों को पीपीपी मॉडल पर निजी हाथों में सौंपा जा रहा है, उससे जनता की भावनाएं आहत हो रही हैं। हम जनता की भावनाओं को व्यक्त करते हुए मांग करते हैं कि बुंदेलखंड के झांसी एवं ललितपुर स्टेशन को पीपीपी मॉडल पर निजी हाथों में न सौंपा जाए। निजी हाथों में जाने से यात्रा एवं माल भाड़े में महंगाई चरम पर होगी, जो गरीब की जेब पर भारी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि पूर्व की यूपीए सरकार ने झांसी रेलवे स्टेशन का ऊंची करण, रेल कोच फैक्ट्री, कानपुर एवं इलाहाबाद की रेल लाइनों का दोहरीकरण तथा विद्युतीकरण कार्य कराया था। जिसका फायदा सीधा देश एवं क्षेत्र की जनता को हो, न कि चंद पूंजीपतियों को। इस निजीकरण का विरोध करते हुए सरकार को आगाह करते हैं, यदि बुंदेलखंड के झांसी-ललितपुर स्टेशनों को निजी हाथों में सौंपा गया, तो कांग्रेस विशाल जन आंदोलन करेगी। प्रतिनिधिमंडल में शहर अध्यक्ष अरविंद वशिष्ठ, उपाध्यक्ष राजेंद्र रेजा, कांग्रेस कमेटी के सदस्य मनीराम कुशवाहा शामिल रहे। हिन्दुस्थान समाचार/महेश/मोहित-hindusthansamachar.in