रंगभरी महोत्सव में शिवांजलि संगीत समारोह का ऑनलाइन उद्घाटन

रंगभरी महोत्सव में शिवांजलि संगीत समारोह का ऑनलाइन उद्घाटन
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-राज्यमंत्री नीलकंठ तिवारी और रविन्द्र जायसवाल मध्यान आरती में शामिल हुए वाराणसी, 24 मार्च (हि.स.)। रंगभरी एकादशी पर बुधवार को बाबा विश्वनाथ के गौना उत्सव (रंगभरी महोत्सव)में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत डॉ. कुलपति तिवारी के आवास पर आयोजित शिवांजलि संगीत समारोह का ऑनलाइन उद्घाटन हुआ। उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी के अध्यक्ष पद्मश्री राजेश्वर आचार्य ने कोविड के खतरों को देखते हुए एक सकारात्मक संदेश देने के उद्देश्य से शिवांजलि का वर्चुअल उद्घाटन किया। इस दौरान कोरोना के बढ़ते खतरों को देखते हुए उन्होंने संदेश दिया के परंपराओं का निर्वाह और सुरक्षा दोनों ही हमारी ही जिम्मेदारी है। महोत्सव में प्रदेश के धर्मार्थ कार्य मंत्री डॉ नीलकंठ तिवारी तथा राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल भी शामिल हुए। महंत आवास पर आयोजित बाबा के मध्यान आरती में शामिल मंत्रियों ने विधि विधान से दर्शन पूजन किया। बाबा का दर्शन करने के बाद डा.नीलकंठ तिवारी ने कहा कि काशी की परंपरा का निर्वाह काशी की जनता मिलजुलकर करती है। यह अवसर विशेष हम सबको अनेकता में एकता का सूत्र सिखाता है। राज्य मंत्री रविंद्र जायसवाल ने कहा सप्तर्षि आरती को लेकर संकट खड़ा हो गया था। उस समय पुन: आरती शुरू कराने के क्रम में शासन ने स्पष्ट कर दिया था कि मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था जहां शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी है। वहीं, धार्मिक परंपराओं का निर्वाह महंत परिवार की परंपरा के अनुसार किया जाता रहेगा। इसके पहले राज्यमंत्री नीलकंठ तिवारी ने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र स्थित अन्न क्षेत्र में रंगभरी एकादशी पर ही विधिवत शिव रसोईया का उद्घाटन किया। बाबा के भक्तों को अपने हाथों खाना परोस कर खिलाने के बाद राज्यमंत्री ने खुशी जताई। उन्होंने कहा कि बाबा के रसोईया के उद्घाटन अवसर पर अद्भुत अनुभूति का अहसास हो रहा है। अन्नक्षेत्र का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व में ही उद्घाटन किया था। उन्होंने बताया कि कोरोना कॉल के दौरान इस अन्न क्षेत्र से प्रति दिवस ढाई हजार से अधिक भोजन के पैकेट बनाकर काशी आने वाले प्रवासी लोगों में वितरित कराया गया। कोरोना कॉल में इसका संचालन बंद हो गया था। आज रंगभरी एकादशी के अवसर पर शिव भक्तों को बाबा का प्रसाद पाने के लिए "शिव रसोइया" शुरू किया गया है। जिसमें अभी प्रति दिवस 500 लोगों को भोजन की व्यवस्था है। जिसे आगे ढाई से तीन हजार भक्तों को प्रति दिवस बाबा का प्रसाद पाने की व्यवस्था सुनिश्चित कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि आज बाबा भक्तों को दक्षिण भारतीय 11 किस्म के व्यंजन परोसे गये। जिसे पाकर बाबा भक्त धन्य हुए। हिन्दुस्थान समाचार/श्रीधर

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