जिला अदालतों व अधिकरणों को नई गाइडलाइन जारी

जिला अदालतों व अधिकरणों को नई गाइडलाइन जारी
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प्रयागराज, 14 अप्रैल (हि.स)। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जिला अदालतों व अधीनस्थ अधिकरणों के लिए नई गाइड लाइन जारी की है। इसके अनुसार सभी मुख्य अदालतें, विशेष न्यायालय और अधिकरण भौतिक और वर्चुअल दोनों तरीके से काम करेंगे। इसके अलावा विशेष क्षेत्राधिकार के न्यायालय, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट और सिविल जज वरिष्ठ श्रेणी व कनिष्ठ श्रेणी की अदालतें भी भौतिक व वर्चुअल दोनों तरीके से काम करेंगी। हाईकोर्ट ने न्यायिक अधिकारियों को रोटेशन के आधार पर न्यायिक कार्य दिए जाने की संभावना तलाशने का निर्देश दिया है। इस दौरान न्यायिक अधिकारी लंबित और नए जमानत प्रार्थनापत्रों, अग्रिम जमानत प्रार्थनापत्रों, अर्जेंट क्रिमिनल एप्लीकेशन, निषेधाज्ञा जैसे अर्जेट सिविल प्रार्थनापत्रों, विचाराधीन बंदियों के रिमांड व अन्य उन सभी मामलों की सुनवाई करेंगे जिनमें कोर्ट ने समयबद्ध निस्तारण का आदेश दिया है। इसके अतिरिक्त अन्य मामले जिनको जिला जज या अधिकरणों, परिवार न्यायालयों के पीठासीन अधिकारी उचित समझें सुने जाएंगे। हाईकोर्ट ने जिला अदालतों को एक ई मेल आईडी तैयार करने का निर्देश दिया है। अधिवक्ता इसी ईमेल के जरिए जमानत प्रार्थनापत्र व अन्य प्रार्थनापत्र दाखिल करेंगे। ई मेल से भेजे जाने वाले प्रार्थनापत्रों में अधिवक्ता व वादकारी का नाम, मोबाइल नंबर , ई मेल आईडी आदि अनिवार्य रूप से होना चाहिए। कंप्यूटर सेक्शन ई मेल से प्राप्त प्रार्थनापत्रों को डाउन लोड कर लिस्ट तैयार करेगा। ज्यूडिशियल सर्विस सेंटर को फ्रेश मुकदमे प्राप्त करने का निर्देश दिया गया है। इस प्रकार से प्राप्त सभी प्रार्थनापत्रों को सीआईएस पर अपलोड करना होगा। कंप्यूटर सेक्शन को वकीलों, वादकारियों और संबंधित लोगों को ई कोर्ट एप की जानकारी मुहैया कराने का निर्देश दिया गया है। हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि एक अदालत में सिर्फ चार कुर्सियां ही रखी जाएंगी। गेट पर सैनिटाइजर की व्यवस्था रखनी होगी। अदालत का स्टॉफ सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करेगा। जिला जजों को बार एसोसिएशन के सदस्यों से वार्ता कर कामकाज का तरीका निश्वित करने के लिए कहा गया है। जहां तक संभव हो जिस्ती मीट सॉफ्टवेयर के माध्यम से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मुकदमों की सुनवाई करने के लिए कहा गया है। इसका वीडियो लिंक संबंधित अधिवक्ता, वादकारी और अभियोजन को शेयर किया जाएगा। हिन्दुस्थान समाचार/आर.एन