शहर से लेकर ग्रामीण तक धूमधाम से मनाया गया नाग पंचमी का महापर्व

 शहर से लेकर ग्रामीण तक धूमधाम से मनाया गया नाग पंचमी का महापर्व
शहर से लेकर ग्रामीण तक धूमधाम से मनाया गया नाग पंचमी का महापर्व

- ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चियों ने गुडिया पीटकर निभाई परंपरा - गुड़िया के पर्व को लेकर अपने मायके आयी नवविवाहिताएं - कजलिया बोने के लिए लड़कियों ने लायी मिट्टी - कोरोना के चलते इस बार दंगलों का रहा आभाव कानपुर, 25 जुलाई (हि.स.)। कोरोना संक्रमण काल में भले ही लोग खौफ हो और मंदिरों के पट नहीं खुले, पर अपने स्तर से शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में नाग पंचमी व गुडिया का पर्व धूमधाम से मनाया गया। गुडिया के पर्व पर नवविवाहिताएं अपने मायके आयीं और हर वर्ष की भांति लड़कियों के साथ कजलिया के लिए गांवों के बाहर मिट्टी लायी। इसके साथ घर के बाहर या गांव के बाहर छोटी बच्चियों से लेकर युवतियों ने भी झूले का आनंद उठाया। वहीं मंदिर बंद होने पर सपेरों ने घर-घर जाकर लोगों को नाग देवता के दर्शन कराये। इसके साथ ही कई जगहों पर दंगलों का भी आयोजन हुआ और लोगों ने पहलवानों के दांव पेंच देख आनंदित हुए। नागपंचमी व गुड़िया का त्यौहार शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में धूमधाम से मनाया गया। इस त्योहार में सबसे अधिक छोटे-छोटे बच्चों का उत्साह देखते बन रहा था, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में। बच्चों ने कपड़े की बनी गुड़िया को पीटकर वर्षों से चली आ रही परम्परा को एक बार फिर जीवित कर दिया। लड़कियों ने गीत गा गाकर झूले का मजा लिया। बच्चों के बीच इस त्योहार की खुशी देख एक बार मौजूद लोगों में भी बचपन की याद तरोताजा हो गई। हालांकि इस बार अन्य वर्षों की भांति गुडिया का त्योहार फीका रहा और दंगलों का भी आयोजन कुछ ही जगहों पर देखा गया। शहरी क्षेत्र में जागेश्वर मंदिर में लगने वाला भीषण दंगल मेला इस बार नहीं हो सका। ग्रामीण क्षेत्रों में हुए दंगलों में पहलवानों ने अपने-अपने दांव पेच दिखाये। इसके साथ ही पेड़ व घरों में पड़े झूलों पर गीत गा गाकर लड़कियों ने झूले का आनन्द लिया। बताते चलें कि आज से सावन के झूलों की शुरुआत हो जाती है। चौरसिया महासभा ने मनाया नाग पंचमी चौरसिया महासभा एवं राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग संघ के प्रधान कार्यालय में नाग पंचमी महापर्व चौरसिया दिवस के उपलक्ष पर दीप प्रज्वलित करके एवं पान गणेश, शंकर, लक्ष्मी नारायण, नागदेवता की आरती एवं पूजा अर्चना करके मनाया गया। इसके साथ ही कोरोना महामारी को देखते हुए संगठन के कुछ कार्यकर्ता एवं आरजी परिवार के कुछ सदस्यों की उपस्थिति के साथ नाग पंचमी महापर्व चौरसिया दिवस को सादगी के साथ मनाया गया। पूजा अर्चना के बाद प्रसाद वितरण किया गया साथ ही में सभी ने एक दूसरे को नाग पंचमी चौरसिया दिवस की शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर कार्यालय प्रभारी सुनील पाल कार्यालय प्रभारी मंजीत सिंह आर जी एकेडमी विद्यालय की प्रधानाचार्य मीना मिश्रा, अध्यापक विशाल सिंह, महासभा के कार्यकर्ता अमित, अंकित, रविंद्र चौरसिया, दिनेश चौरसिया, सुरेश गुप्ता, रितु रोहिणी, राजकुमारी कुसुम, विजय मिश्रा उपस्थित रहें। सपेरों ने घर-घर कराये नाग देवता के दर्शन कोरोना काल के चलते अबकी बार सभी शिवालायों के दरबाजे बंद हैं और मंदिरों में भक्त नहीं जा रहे हैं। ऐसे में नाग पंचमी के त्योहार पर सपेरों ने घर-घर जाकर नाग देवता के लोगों को दर्शन कराये। सपेरा दयाराम ने बताया कि इस बार कोरोना महामारी के कारण कही बडे शहर या मंदिर में नहीं जा पाये, क्योंकि शहरी क्षेत्र में पुलिस ज्यादा सख्ती बरत रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को नाग देवता के दर्शन कराकर कुछ खाने पीने का सामान मिल गया है। हालांकि पुलिस से डरते-डरते शहरी क्षेत्र में भी कुछ जगहों पर सपेरा नाग देवता के दर्शन कराते देखे गये। हिन्दुस्थान समाचार/अजय/मोहित-hindusthansamachar.in

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