विधायक ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, निजी अस्पतालों में सरकारी दर पर हो इलाज
विधायक ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, निजी अस्पतालों में सरकारी दर पर हो इलाज
उत्तर-प्रदेश

विधायक ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, निजी अस्पतालों में सरकारी दर पर हो इलाज

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- जनपद में लेवल 3 का एक ही है सरकारी अस्पताल, मरीजों को नहीं मिलते बेड - लेवल 3 के शहर में हैं कई निजी अस्पताल, इन पर हो लोगों का इलाज कानपुर, 23 जुलाई (हि.स.)। कानपुर नगर में इन दिनों कोरोना मरीजों में बेहताशा वृद्धि हो रही है, वहीं दूसरी ओर जनपद में एक ही अस्पताल हैलट लेवल 3 का है, जिससे वहां पर मरीजों को बेड उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। इसको देखते हुए सपा विधायक अमिताभ बाजपेयी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिख मांग की है कि शहर में कई ऐसे निजी अस्पताल हैं जो लेवल 3 के हैं। इन अस्पतालों में सरकारी दर पर कोरोना मरीजों का इलाज किया जाय, ताकि कोरोना से मरने वाले मरीजों को बचाया जा सके। विधायक ने अपने पत्र में मुख्यमंत्री को लिखा कि इस वैश्विक कोरोना महामारी में कानपुर की स्थितियां भी अति भयावह हो गई है। आज स्थिति यह है कि 200/225 केस प्रतिदिन नये मिलते है। लगभग 1400 केस वर्तमान में कानपुर में सक्रिय है। कानपुर के अंदर लेवल-1 व लेवल-2 अस्पताल तो है लेकिन लेवल-3 का एक ही अस्पताल हैलट (लाला लाजपत राय चिकित्सालय) जोकि मेडिकल कॉलेज के अधीन है, वही उपलब्ध है। बहुत समय के बाद जिलाधिकारी की टीम ने 3 प्राइवेट संस्थानों को सुविधा दी है। नारायणा कालेज, एस.पी.एम. हास्पिटल और गुरू तेगबहादुर हास्पिटल, लेकिन यह भी सब लेवल-1, लेवल-2 की सुविधा वाले हैं। लेवल-3 के मरीजों को बहुत दिक्कत आ रही है। हम लोगों के कई अति प्रिय साथी लेवल 3 के इलाज के अभाव में काल के गाल में समा गए हैं। कानपुर शहर के नामचीन हस्ती मौलाना ओसामा साहब जो शहर काजी भी थे वो भी ढाई घंटे लेवल-3 हॉस्पिटल में बेड का इंतजार करते रहें। अतः हम लोग उनको बचा ना सके। स्थिति इतनी भयावह है कि कानपुर के अंदर न सरकारी न प्राइवेट कोई बेड कहीं भी खाली नहीं है, वेंटीलेटर कहीं उपलब्ध नहीं है। आज मेडिकल कॉलेल से संबंधित आउट सोर्सिंग नर्सों ने हड़ताल कर दी। उनका यह आरोप है कि उनको सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं लगातार काम करना पड़ रहा है। यह भी ज्ञात होना चाहिए लेवल-3 का जो हॉस्पिटल है चूंकि एक ही है तो सारे गंभीर मरीज कानपुर के यहां तक की आसपास के कई जनपदों के कई मरीज हैलट रेफर किए जा रहे हैं। हैलट हॉस्पिटल में कोई वेंटीलेटर खाली नहीं है। स्टाफ व डॉक्टर की परेशानी यह है कि 22 मार्च से अब तक अनवरत काम करके वो भी मानसिक शारीरिक रूप से थक चुके हैं व टूट चुके हैं कहीं ना कहीं और चीजों को जोड़ने की आवश्यकता है। आज कानपुर की स्थिति यह है कि अगर किसी को लेवल-3 हॉस्पिटल की जरूरत पड़ जाए, तो हम लोग उसकी कोई मदद करने की स्थिति में नहीं है, ना ही कोई सुझाव वा उपाय बता पा रहे हैं। इसलिए आपसे करबद्ध प्रार्थना है कि आप सरकारी व्यवस्थाओं से जो मदद कर सकते हो तो करें परंतु कानपुर के अंदर अनेक बड़े प्राइवेट अस्पताल मौजूद हैं और आज जब खराब मौका आया है तो उन अस्पतालों को भी कानपुर की जनता की मदद इस त्रासदी में करनी चाहिए। विधायक ने लिखा कि अनेक बड़े प्राइवेट अस्पताल कानपुर के अंदर मौजूद हैं जिनके पास एक से अधिक बड़ी बड़ी बिल्डिंगें भी हैं बहुत सारी सुविधाएं से लेकर वेंटीलेटर, हार्ट संबंधी इलाज, कैंसर संबंधित इलाज की भी सारी व्यवस्थाएं हैं। चार-चार, पांच-पांच भवन एक ही अस्पताल के पास कानपुर की जनता की गाढ़ी कमाई से बने है। एक अस्पताल चार गुना, पांच गुना दस सालों में हो गये हैं। अनेकों अस्पताल में आईसीयू सहित बड़ी सुविधाएं भी उपलब्ध है, प्रशिक्षित डॉक्टर भी हैं, इसलिए आपसे निवेदन है कि बड़ी संख्या में ऐसे अस्पताल जो लेवल-3 का उपचार करने में सक्षम हो उनको भी सरकारी दर पर मदद मुहैया कराये! ताकि यदि जरूरत पड़े तो अधिग्रहण करके लेवल-3 के मरीजों का इलाज हो सके। हिन्दुस्थान समाचार/अजय/दीपक-hindusthansamachar.in