अपराधियों को बचाने वाले अफसरों को बर्खास्त नहीं करने के पीछे मुख्यमंत्री योगी की क्या मजबूरी-अजय लल्लू
अपराधियों को बचाने वाले अफसरों को बर्खास्त नहीं करने के पीछे मुख्यमंत्री योगी की क्या मजबूरी-अजय लल्लू
उत्तर-प्रदेश

अपराधियों को बचाने वाले अफसरों को बर्खास्त नहीं करने के पीछे मुख्यमंत्री योगी की क्या मजबूरी-अजय लल्लू

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-पुलिस के पहुंचने से पहले विकास दुबे के फरार होने पर गृह विभाग पर निशाना साधा लखनऊ, 08 जुलाई (हि.स.)। कानपुर में अपराधी विकास दुबे को गिरफ्तार करने गई पुलिस टीम के आठ सदस्यों की शहादत के बाद कांग्रेस कानून व्यवस्था के मुद्दे पर लगातार सरकार को घेर रही है। प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने पुलिस के पहुंचने से पहले विकास दुबे के फरार होने को लेकर अब गृह विभाग पर सवाल उठाये हैं। उन्होंने ऐसे अधिकारियों को बर्खास्त नहीं करने पर मुख्यमंत्री योगी पर निशाना साधा है। प्रदेश अध्यक्ष ने बुधवार को ट्वीट किया कि गृह विभाग में कौन अधिकारी बैठा है जो पुलिस के पहुंचने से पहले ही दुर्दांत अपराधी की सिपहसलारी कर रहा है जिससे अपराधी पुलिस के पहुंचने से पहले भाग जाता है? उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री 'अपराधियों' को बचाने वाले ऐसे 'अधिकारियों' को बर्खास्त क्यूं नहीं करते? क्या मजबूरी है? उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा कि कानपुर में पुलिसकर्मियों की हुई शहादत व उप्र में जारी जंगलराज के खिलाफ दिल्ली में यूपी भवन का घेराव कर रहे यूथ कांग्रेस अध्यक्ष श्रीनिवास व कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी निंदनीय है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री दमन के आगे अपना काला चेहरा नहीं छुपा सकते, जनता को जवाब देना होगा। अजय कुमार लल्लू ने इस मुद्दे पर लगातार सरकार पर हमलवार तेवर अपनाये हुए हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश में जंगलराज चलने का आरोप लगाया और कहा कि पूरे सूबे में संवैधानिक व्यवस्था चरमरा कर ध्वस्त हो गयी है। अपराधी और गुंडों को योगी सरकार का संस्थागत संरक्षण मिला हुआ है। अपराधियों और गुंडों के योगी सरकार के मंत्रियों सहित अफसरों से करीबी रिश्ते उजागर हो गए हैं। तमाम वीडियो और वायरल हो रहे फोटो में इनकी निकटता सामने आ चुकी है। दरअसल विकास दुबे के मंगलवार को पुलिस को चकमा देकर फरार होने की बात सामने आयी है। फरीदाबाद के बड़खल मोड़ स्थित एक होटल के सीसीटीवी में उसकी फुटेज देखी गई है। अजय लल्लू ने अपने ट्वीट में इस तस्वीर को भी अपलोड किया है। इस बीच प्रदेश सरकार ने विकास दुबे पर इनाम राशि ढाई लाख से बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दी है। वहीं एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि आज सुबह हमीरपुर जिले में इस घचना का वांछित अमर दुबे को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। उसके पास से एक अवैध सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल मिली है। अपराधियों ने जिस इस प्रकार की हिम्मत की है उनको पछतावा होगा। मारे गए इससे पहले मंगलवार रात फरीदाबाद में पकड़े गए विकास दुबे के करीबियों से पूछताछ में फरीदाबाद पुलिस को अहम जानकारी मिली थी, जिसके यह कार्रवाई की गई। इससे पहले समाजावादी पार्टी के अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी इस मामले पर आज निशाना साधा। उन्होंने ट्वीट किया कि उप्र सत्ता व अपराध के गठजोड़ के उस वीभत्स दौर में है, जहां न तो पुलिस को मारनेवाले दुर्दांत अपराधी पर कोई कार्रवाई हुई है और न ही उस अधिकारी पर जिसकी संलिप्तता का प्रमाण चतुर्दिक उपलब्ध है। ऐसे में तथाकथित निष्पक्ष जांच भी उनसे करवाई जा रही है, जो खुद कठघरे में खड़े हैं। हिन्दुस्थान समाचार/संजय/राजेश-hindusthansamachar.in