मेरठ: 'कोरोना कर्फ्यू’ हटवाने को लामबंद हुए व्यापारी संगठन

मेरठ: 'कोरोना कर्फ्यू’ हटवाने को लामबंद हुए व्यापारी संगठन
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मेरठ, 07 जून (हि.स.)। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के कारण मेरठ जनपद को कोरोना कर्फ्यू की चपेट में है। ऐसे में बाजार खुलवाने के लिए व्यापारी संगठन लामबंद हो गए हैं। सभी ने एक सुर से बाजार नहीं खुलने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। बाजार खुलवाने को व्यापारी संगठन हुए लामबंद मेरठ के आसपास के सभी जिलों में बाजार खुल चुके हैं। अब मेरठ में भी बाजार खुलवाने की मांग को लेकर व्यापारी संगठन लामबंद हो गए हैं। संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष अजय गुप्ता और दूसरे गुट के अध्यक्ष नवीन गुप्ता का कहना है कि कोरोना के सक्रिय केसों की सही रिपोर्ट शासन को नहीं भेजी जा रही है। इस कारण मेरठ जिला अनलाॅक नहीं हो पा रहा है। जिला प्रशासन को सक्रिय मामलों की सही जांच करके बाजार खोलने की अनुमति देनी चाहिए। अगर दो दिन में बाजार खोलने के पक्ष में निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन किया जाएगा। उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल उत्तर प्रदेश के प्रांतीय अध्यक्ष लोकेश अग्रवाल का कहना है कि व्यापारियों के हित में तत्काल बाजार खोले जाने चाहिए। व्यापारियों के सामने भूखों मरने की हालत आ गई है। संयुक्त व्यापार समिति के महामंत्री विपुल सिंघल पहले ही मेरठ मंडल के आयुक्त को ज्ञापन देकर बाजार खोलने की मांग कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि मेरठ के बाजार अविलंब खोले जाने चाहिए। इसी तरह से पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त व्यापार मंडल, चैहान मार्किट व्यापार संघ, सदर व्यापार मंडल, सेंट्रल मार्किट व्यापार एसोसिएशन, आबूलेन व्यापार संघ समेत कई व्यापारी संगठनों ने तत्काल मेरठ के बाजार खोले जाने की मांग की है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के कारण लागू कोरोना कर्फ्यू उत्तर प्रदेश शासन ने कोरोना कर्फ्यू हटाने के लिए जिले में सक्रिय केस 600 से कम होने का फार्मूला तैयार किया। इस फार्मूले में छोटे और बड़े सभी जिले आए। अब केवल तीन जिले मेरठ, गोरखपुर और लखनऊ में ही कोरोना कर्फ्यू लागू है, बाकी जिलों में बाजार अनलाॅक हो गए हैं। मेरठ जनपद में कोरोना कर्फ्यू स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के कारण लागू हैं। कोरोना के 377 मरीजों का नहीं चल रहा कुछ पता रविवार रात को जारी हुए स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार मेरठ जनपद में 977 सक्रिय केस बचे हुए हैं। इनमें सें 370 कोरोना मरीज लापता हैं और उनका कुछ पता नहीं चल रहा है। ये मरीज ना तो होम आइसोलेशन में है और ना ही अस्पतालों में भर्ती है। स्वास्थ्य विभाग इनका सही पता नहीं लगा पा रहा। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अस्पतालों में भर्ती और होम आइसोलेट मरीजों की संख्या कुल सक्रिय केसों से कम है। रिपोर्ट के अनुसार मेरठ के अस्पतालों में 190 मरीज भर्ती है और 417 होम आइसोलेशन में है। इससे कुल सक्रिय केसों की संख्या 607 ही बैठती है। इससे साफ है कि एक दिन में ही मेरठ अनलाॅक हो सकता है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग अपने लापता कोरोना मरीजों को सूची से नहीं निकाल रहा है और इससे सक्रिय केसों का योग ज्यादा आ रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. अखिलेश मोहन का कहना है कि सूची में शामिल कोरोना मरीजों की तलाश की जा रही है। मरीजों की पड़ताल होने तक उन्हें सूची से नहीं हटाया जाएगा। हिन्दुस्थान समाचार/कुलदीप