प्रमाण-पत्र के लिए लखनऊ विवि का नहीं लगाना पड़ेगा चक्कर, पहुंचेगा घर
प्रमाण-पत्र के लिए लखनऊ विवि का नहीं लगाना पड़ेगा चक्कर, पहुंचेगा घर
उत्तर-प्रदेश

प्रमाण-पत्र के लिए लखनऊ विवि का नहीं लगाना पड़ेगा चक्कर, पहुंचेगा घर

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-लखनऊ विवि ने शुरू किया इलेक्ट्रॉनिक एक्सेस टु सर्विसेस ऑफ़ एग्ज़ामिनेशन प्रोग्राम, हर सेवा का शुल्क भी हुआ निर्धारित लखनऊ, 17 जुलाई (हि.स.)। हर रोज नये-नये परिवर्तन व कार्य कर रहे लखनऊ विश्वविद्यालय ने शुक्रवार को ईएएसई (इलेक्ट्रॉनिक एक्सेस टु सर्विसेस ऑफ़ एग्ज़ामिनेशन) प्रोग्राम की शुरूआत की। इसका उद्देश्य अपने नामांकित छात्रों को परीक्षा से संबंधित सेवाएं आसानी से उपलब्ध कराना है। इसके अंतर्गत अब विश्वविद्यालय हर प्रमाण-पत्र ई-मेल से पत्राचार कर विश्वविद्यालय से आसानी से मिल जाएगा। हर एक के लिए शुल्क भी निर्धारित कर दिया गया है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.आलोक कुमार राय ने शुक्रवार को इस सुविधा का प्रारम्भ कुलपति कार्यालय के कमेटी हाल में सामाजिक रूप से दूरी बनाते हुए किया। इस कार्यक्रम में परीक्षा नियंत्रक, संकायों और विशेष प्रकोष्ठों के सभी डीन, लूटा अध्यक्ष, प्रॉक्टर, छात्र कल्याण के डीन आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम कुलपति प्रो. राय की उस दृढ़ धारणा को मूर्त रूप देता है कि प्रशासनिक प्रक्रिया छात्रों के लिए आसान और सुगम होनी चाहिए। वर्तमान में एक अनंतिम प्रमाण पत्र, माइग्रेशन सर्टिफिकेट, माइग्रेशन सर्टिफिकेट की डुप्लीकेट कॉपी, मूल और डुप्लीकेट डिग्री, लैंग्वेज सर्टिफिकेट, ट्रांसक्रिप्ट, मार्कशीट में सुधार, डुप्लीकेट मार्कशीट जारी करने, स्क्रूटनी और उत्तर पुस्तिका देखने के लिए आवेदन सहित 11 सेवाएं ऑनलाइन प्रदान की जा रही है। इन सेवाओं का लाभ उठाने के लिए, एक छात्र को ऑनलाइन पंजीकृत होना पड़ेगा। पंजीकरण प्रक्रिया को पूरा करने के लिए एक छात्र के पास एक विश्वविद्यालय नामांकन संख्या और रोल नंबर, एक मान्य ईमेल आईडी, एक वैध मोबाइल नंबर होना चाहिए। प्रत्येक छात्र के पास अपनी ईमेल आईडी होनी चाहिए, क्योंकि सभी भविष्य के पत्राचार केवल उनके पंजीकृत ईमेल आईडी के माध्यम से किए जाएंगे और प्रत्येक ईमेल आईडी केवल एक बार पंजीकृत हो सकती है। इनके साथ, एक छात्र के पास अपने सभी आवश्यक दस्तावेजों की प्रतियां जेपीजी या पीडीएफ प्रारूप में स्कैन होकर उपलब्द होनी चाहिए, जिन्हें आवश्यकता अनुसार अपलोड किया जा सके। एक बार पंजीकरण पूरा होने के बाद, छात्र इएएसई कार्यक्रम के तहत लॉगिन करके वर्तमान में उपलब्ध सेवाओं में से किसी का चयन कर सकता है और प्रमाण पत्र के लिए आवेदन कर सकता है। विश्वविद्यालय को अनुरोध को सत्यापित करने के लिए 7 से 15 दिन लगेंगे और उस दिए गए समयावधि के भीतर, छात्र को पंजीकृत ईमेल आईडी और फोन नंबर के माध्यम से उनके आवेदन की स्थिति के बारे में सूचित किया जाएगा। कार्यक्रम के तहत, छात्र अपने आवेदन की स्थिति की ऑनलाइन निगरानी कर सकेंगे और एक ही समय में एक से अधिक प्रमाणपत्र के लिए आवेदन कर सकेंगे। ये प्रमाण पत्र उन्हें डाक द्वारा भी भेजे जाएंगे। हिन्दुस्थान समाचार/उपेन्द्र/राजेश-hindusthansamachar.in