यूपी में कानून-व्यवस्था ध्वस्त, योगी सरकार को सत्ता में रहने का अधिकार - माले
यूपी में कानून-व्यवस्था ध्वस्त, योगी सरकार को सत्ता में रहने का अधिकार - माले
उत्तर-प्रदेश

यूपी में कानून-व्यवस्था ध्वस्त, योगी सरकार को सत्ता में रहने का अधिकार - माले

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लखनऊ, 24 जुलाई (हि.स.)। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माले) की राज्य इकाई ने कानपुर के संजीत यादव अपहरण व हत्याकांड के मामले में कहा है कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। ऐसे योगी सरकार को एक मिनट भी सत्ता में रहने का अधिकार नहीं रह गया है। लिहाजा मुख्यमंत्री गद्दी छोड़ें। शुक्रवार को जारी बयान में भाकपा (माले) के राज्य सचिव सुधाकर यादव ने कहा कि गाजियाबाद में पत्रकार जोशी की सरेराह गोली मार कर हत्या कर दी गई और कानपुर में युवा लैब टेक्नीशियन संजीत की तीस लाख रुपये फिरौती देने के बाद भी हत्या हो गई। मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश 'हत्या प्रदेश' बन गया है, जहां अपराधी-पुलिस गठजोड़ ने कानून के शासन का अपहरण कर लिया है। माले नेता ने कहा कि अबतक यही सुना जाता था कि अपहरणकर्ता फिरौती मांगते हैं, लेकिन संजीत के परिजनों के बयान से स्पष्ट हुआ है कि योगी के शासन में फिरौती दिलाने का काम पुलिस करने लगी है। गाजियाबाद के पत्रकार हत्याकांड में भी यही सामने आया कि हत्या से पहले गुंडों के खिलाफ पत्रकार की शिकायत पर कोई कार्रवाई इसलिए नहीं हुई क्योंकि पुलिस और गुंडों के बीच दोस्ती थी। अब यदि भाजपा राज में कानून के रखवाले ही गुंडों-अपहरणकर्ताओं से यारी गांठने लगें, तो आम आदमी अपनी सुरक्षा के लिए कहां जाये! माले राज्य सचिव ने कहा कि योगी सरकार में महिलाओं को न्याय के लिए दर-दर भटकने के बाद आत्मदाह के लिए विवश होना पड़ रहा है। बलात्कारी जमानत पर छूट कर शिकायतकर्ता मां-बेटी की ट्रैक्टर चढ़ा कर हत्या कर दे रहे हैं। गुंडे पत्रकार को गोली मार रहे हैं। सत्ता का संरक्षण पाकर सामंती दबंग दलितों पर हमले कर रहे हैं और कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। मुख्यमंत्री योगी ने बेहतर कानून-व्यवस्था और रामराज्य का सपना दिखाकर प्रदेशवासियों से सबसे बड़ा छल किया है। राज्य सचिव ने कहा कानपुर के संजीत मामले में फिरौती दिलाकर भी जान नहीं बचाई और हत्या की बात पुलिस करीब एक महीने तक दबाई रही। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार के आरोपों के मद्देनजर पुलिस की भूमिका की निष्पक्ष जांच और सभी दोषियों के खिलाफ सख्त-से-सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। पीड़ित परिवार को फिरौती की रकम की वापसी के साथ-साथ पर्याप्त मुआवजा व एक सदस्य को सरकारी नौकरी मिलनी चाहिए। अंत में माले नेता ने कहा कि प्रदेश में कानून के राज की वापसी के लिए योगी को जाना होगा। हिन्दुस्थान समाचार/दीपक-hindusthansamachar.in