गॉड आफ ऑनर के साथ स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भुवनेश्वर शुक्ल को अंतिम विदाई

गॉड आफ ऑनर के साथ स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भुवनेश्वर शुक्ल को अंतिम विदाई
last-farewell-to-freedom-fighter-fighter-bhubaneswar-shukla-with-god-of-honor

चित्रकूट,12 अप्रैल (हि.स.)। काफी दिनों से अस्वस्थ चल रहे जिले के 98 वर्षीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भुवनेश्वर प्रसाद शुक्ल का देर रात निधन हो गया। सोमवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। मिली जानकारी के मुताबिक, जनपद चित्रकूट में एक मात्र जीवित स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भुवनेश्वर प्रसाद शुक्ला का रविवार देर रात निधन हो गया। सोमवार को उनकी मऊ यमुना नदी के किनारे अंतिम किया गया। एसडीएम मऊ नवदीप शुक्ला की मौजूदगी में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्री शुक्ल को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। आपको बता दे कि, स्वर्गीय भुवनेश्वर प्रसाद शुक्ल पुत्र शीतल प्रसाद शुक्ल निवासी ग्राम मऊ जनपद चित्रकूट में एकमात्र स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के रूप में जीवित बचे थे। अन्य सभी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पहले ही दिवंगत हो चुके थे। उन्हें जिला तथा तहसील मऊ में स्वतंत्रता दिवस तथा गणतंत्र दिवस में प्रत्येक वर्ष सम्मानित किया जाता था। उनके दिवंगत हो जाने से स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों से जनपद चित्रकूट सूना हो गया। 98 वर्ष की अवस्था में भी भुवनेश्वर प्रसाद शुक्ल सक्रिय थे। दो माह पूर्व मऊ में स्थित स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पार्क की दुर्दशा के संबंध में उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से काफी नाराजगी व्यक्त की थी। स्वतंत्रता संग्राम में मऊ के प्रमुख स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शिवकुमार त्रिपाठी, जिन्होंने अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद जी का साक्षात्कार किया था, के सान्निध्य में भुवनेश्वर प्रसाद शुक्ला युवा अवस्था में ही आकर उनकी प्रेरणा से स्वतंत्रता संग्राम में कूद गये और जेल की यातना भोगी थी। ग्राम मऊ के आठ स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों में से भुवनेश्वर प्रसाद शुक्ला सबसे कम उम्र के स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने वाले सेनानी थे। श्री शुक्ल भरा पूरा परिवार अपने पीछे छोड़ गए हैं। पुत्र और पौत्रों तथा प्रपौत्रों से भरा पूरा खुशहाल परिवार है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आकस्मिक निधन से कस्बा मऊ समेत पूरे जिले में शोक की लहर है। हिन्दुस्थान समाचार/रतन