कुशीनगर:नेपाल ने नारायणी में छोड़ा 2.68 लाख क्यूसेक पानी, ग्रामीण भयभीत
कुशीनगर:नेपाल ने नारायणी में छोड़ा 2.68 लाख क्यूसेक पानी, ग्रामीण भयभीत
उत्तर-प्रदेश

कुशीनगर:नेपाल ने नारायणी में छोड़ा 2.68 लाख क्यूसेक पानी, ग्रामीण भयभीत

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कुशीनगर, 14 जुलाई (हि.स.)। बारिश व नेपाल के वाल्मीकिनगर बराज से कुशीनगर की नारायणी नदी में लगातार पानी छोड़े के कारण स्थिति खराब होती जा रही है। बाढ़ की संभावना से लोग भयभीत हो उठे हैं। महिलाओं व बच्चों को ग्रामीण सुरक्षित स्थानों पर भेज रहे हैं। मंगलवार को 2.68 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण नदी उफान पर आ गई। अब यह खतरे के निशान से महज 30 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। एपी बांध के पिपराघाट में लगे गेज पर जलस्तर में 10 सेंटीमीटर की बढ़त दर्ज की गई। नदी खतरा के निशान 76.20 से महज 30 सेंटीमीटर नीचे 75.90 मीटर पर बह रही है। इसका कारण लगातार हो रही बारिश व नारायणी नदी के वाल्मीकि नगर बैराज से गत चार दिनों से लगातार ढाई लाख क्यूसेक से उपर डिस्चार्ज होना है। एपी बांध के कई बिंदुओं पर नदी का दबाव बढ़ गया है। बांध व नदी के बीच के क्षेत्र में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। नदी के इस रुख से ग्रामीणभयभीत हैं। एपी बांध के किमी .800 जंगली पट्टी के सामने किमी 1300.00 बाघाचौर व किमी 1400.00 अहिरौलीदान में दबाव के चलते संवेदनशील स्थिति हो गई है। बाघाचौर में नदी और बांध के बीच कुछ मीटर की दूरी बच गई है। इससे बांध के कटने का खतरा मंडराने लगा है। बाढ़ खंड के सहायक अभियंता एसके प्रियदर्शी ने बताया कि संवेदनशील प्वाइंटों पर बचाव कार्य जारी है। बांध पूरी तरह सुरक्षित है। हिन्दुस्थान समाचार/गोपाल/राजेश-hindusthansamachar.in