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उत्तर-प्रदेश

नेपाली पर्यटकों से गुलजार हुआ कुशीनगर

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-एक साल बाद लौटी खुशियां, पर्यटन कारोबारियों के चेहरे खिले कुशीनगर, 19 फरवरी (हि. स.)। कोविड-19 संक्रमण काल के दौर के बाद कुशीनगर में विदेशी पर्यटकों के आने का यह पहला अवसर था। शनिवार को नेपाली पर्यटकों के दल के आने से बुद्धनगरी गुलजार हुई तो पर्यटन कारोबारियों के चेहरे खिल उठे। 35 सदस्यीय नेपाली पर्यटकों का दल सुबह कपिलवस्तु का भ्रमण कर यहां पहंचा था। गुरुवार को पर्यटकों ने काठमांडू से अपनी यात्रा शुरू की थी और सर्वप्रथम भगवान बुद्ध की जन्मस्थली लुम्बिनी में दर्शन व पूजन-वंदन किया। दल का नेतृत्व कर रहे भिक्षु त्रिरत्न महाथेरा ने बताया गत मार्च में आने की योजना थी किन्तु इंडो नेपाल बार्डर बंद हो जाने के कारण नहीं आ सके। अब नेपाल सरकार ने पर्यटक दल को भारत जाने की इजाजत दी तो हम लोग आ पाए। दल ने महापरिनिर्वाण मंदिर में बुद्ध की शयन मुद्रा वाली प्रतिमा के समक्ष पूजा अर्चना की और शयन मुद्रा वाली प्रतिमा पर चीवर अर्पित किया। दल ने पूरी दुनिया में शांति व खुशहाली के लिए कोविड-19 वायरस के खात्मे की प्रार्थना की। पर्यटकों ने माथाकुंवर बुद्ध मंदिर, रामाभार स्तूप का दर्शन, पूजन, वंदन किया। नेपाली दल ने क्राफ्ट, वस्त्र, मूर्तियां आदि खरीददारी भी की। खान पान का लुत्फ भी उठाया। देर शाम नेपाली दल वापस काठमांडू लौट गया। कुशीनगर पहुंचने पर इनका स्वागत पर्यटन व्यवसाई टीके राय ने किया। दल में मनोज बज्राचार्या, सुधा शाक्य, शगुन शाक्य, अरहंत शाक्य, सुनीता बज्राचार्य आदि शामिल रहे। पर्यटन कारोबारी अनुपम पाठक ने बताया कि एक अच्छी शुरुआत हुई है, नेपाली पर्यटकों का आगमन पुराने दिनों के लौटने का संकेत है। अन्य देशों के पर्यटकों के आने की संभावना बढ़ी है। जल्द ही बुद्धनगरी की रौनक बरकरार होगी। हिन्दुस्थान समाचार/गोपाल/दीपक