कौशाम्बी बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष पिता-पुत्र के वकालत पर रोक, लाइसेंस निलम्बित
कौशाम्बी बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष पिता-पुत्र के वकालत पर रोक, लाइसेंस निलम्बित
उत्तर-प्रदेश

कौशाम्बी बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष पिता-पुत्र के वकालत पर रोक, लाइसेंस निलम्बित

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प्रयागराज, 17 जुलाई (हि.स.)। उ.प्र बार काउन्सिल की अनुशासनिक समिति ने कौशाम्बी जिला बार एसोसिएशन के कई बार अध्यक्ष रहे पुराने 1972 के वकील नर नारायण मिश्र व उनके अधिवक्ता पुत्र अशोक कुमार मिश्र को प्रोफेशनल कदाचार का दोषी करार दिया है। बार काउन्सिल ने इन दोनों वकीलों का लाइसेंस पांच साल के लिए निलंबित कर दिया और इन पांच सालां में इनके भारत के किसी भी अदालत में वकालत करने पर रोक लगा दी है। बार काउन्सिल की तीन सदस्यीय समिति ने दोनो पक्षों को सुनकर वकीलों के आचरण व इनके विरूद्ध दर्ज आपराधिक मामले को आधार बनाकर इन्हें व्यावसायिक कदाचार का दोषी माना है। बार काउंसिल की समिति ने कहा है कि इन दोनों वकीलों ने जान बूझकर गलती की और व्यावसायिक नियमों का उल्लंघन किया है। एक अधिवक्ता के रूप में इनका आचरण सही नहीं है। कौशाम्बी, मनौरी के महमूदपुर गांव के निवासी और वकीलों के रिश्तेदार अंजनी कुमार मिश्र ने वकीलों के आचरण व आपराधिक मामले को लेकर मई 2019 में बार काउन्सिल को शिकायत की थी। बाल विवाह, जमीन धोखे से लिखाने जैसे दर्ज 16 आपराधिक मामलों की सूची भी पेश की थी। समिति ने आरोपी वकीलों से सफाई मांगी और दोनो पक्षों को सुनने के बाद कदाचार का दोषी करार दिया है। हिन्दुस्थान समाचार/आर.एन/दीपक-hindusthansamachar.in